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Mandi News: आईबी अधिकारी हत्या मामले में ठोस गवाह भी नहीं तलाश पाई पुलिस
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एएसआई रेंक के जांच अधिकारी की जांच पर परिजनों ने फिर उठाए सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर(मंडी)। चंबा जिले के किहार क्षेत्र में मंडी के जोगिंद्रनगर निवासी आईबी अधिकारी अरुण कुमार हत्या मामले में चबा पुलिस ठोस गवाह बनाने में भी नाकाम साबित हुई है । घटनास्थल पर पहले मौजूद फिर अपने सहयोगी साथी को अकेला छोड़ अचानक गायब हुए दूसरे आईबी अधिकारी को हत्या की वारदात का चश्मदीद बनाया है। यही नहीं तीन अन्य ऐसे गवाहों को जांच में शामिल किया है, जिन्हें देर रात हुई हत्या की वारदात की जानकारी तो है लेकिन मौके पर कौन-कौन मौजूद था, किसने आईबी अधिकारी की हत्या की। इन सब बातों से वह भी अनजान है। पुलिस जांच में शामिल गवाहों का यह भी कहना कि रात के समय अंधेरा अधिक होने के चलते वे भी हत्या के आरोपियों को सही ढंग से नहीं पहचान पाए हैं। ऐसी आंशका जाहिर करते हुए सोमवार देर शाम पिता प्रभदयाल माता शंकुतला देवी ने बताया कि चंबा पुलिस के जिस अधिकारी को अन्वेषण अधिकारी बनाया गया है, उनका रैंक भी एएसआई है जबकि हत्या के इस मामले के लिए केवल थाना प्रभारी भी अधिकृत होते हैं। पिता ने कहा कि उनके बेटे की हत्या में शामिल आरोपियों को बचाने के लिए यह षड्यंत्र चंबा पुलिस ने रचा है। वे इसकी शिकायत पुलिस महानिदेशक हिमाचल प्रदेश, केंद्रीय गृह मंत्रालय और आईबी दिल्ली मुख्यालय में भी करेंगे, ताकि उनके बेटे की हत्या पर परिजनों को इंसाफ मिल सके। सोमवार को हत्या के आरोप में शामिल सभी चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत मिल जाने पर मृतक के परिजनों में शामिल पत्नी पूजा ने बताया कि न्यायालय में अभियोजन पक्ष में पुलिस रिमांड बढ़ाने में भी चंबा पुलिस अपना पक्ष नहीं रख पाई। इस बारे में एसपी चंबा अभिषेक यादव ने कहा कि किहार क्षेत्र में मंडी के जोगिंद्रनगर निवासी आईबी अधिकारी अरुण कुमार की हत्या मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर(मंडी)। चंबा जिले के किहार क्षेत्र में मंडी के जोगिंद्रनगर निवासी आईबी अधिकारी अरुण कुमार हत्या मामले में चबा पुलिस ठोस गवाह बनाने में भी नाकाम साबित हुई है । घटनास्थल पर पहले मौजूद फिर अपने सहयोगी साथी को अकेला छोड़ अचानक गायब हुए दूसरे आईबी अधिकारी को हत्या की वारदात का चश्मदीद बनाया है। यही नहीं तीन अन्य ऐसे गवाहों को जांच में शामिल किया है, जिन्हें देर रात हुई हत्या की वारदात की जानकारी तो है लेकिन मौके पर कौन-कौन मौजूद था, किसने आईबी अधिकारी की हत्या की। इन सब बातों से वह भी अनजान है। पुलिस जांच में शामिल गवाहों का यह भी कहना कि रात के समय अंधेरा अधिक होने के चलते वे भी हत्या के आरोपियों को सही ढंग से नहीं पहचान पाए हैं। ऐसी आंशका जाहिर करते हुए सोमवार देर शाम पिता प्रभदयाल माता शंकुतला देवी ने बताया कि चंबा पुलिस के जिस अधिकारी को अन्वेषण अधिकारी बनाया गया है, उनका रैंक भी एएसआई है जबकि हत्या के इस मामले के लिए केवल थाना प्रभारी भी अधिकृत होते हैं। पिता ने कहा कि उनके बेटे की हत्या में शामिल आरोपियों को बचाने के लिए यह षड्यंत्र चंबा पुलिस ने रचा है। वे इसकी शिकायत पुलिस महानिदेशक हिमाचल प्रदेश, केंद्रीय गृह मंत्रालय और आईबी दिल्ली मुख्यालय में भी करेंगे, ताकि उनके बेटे की हत्या पर परिजनों को इंसाफ मिल सके। सोमवार को हत्या के आरोप में शामिल सभी चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत मिल जाने पर मृतक के परिजनों में शामिल पत्नी पूजा ने बताया कि न्यायालय में अभियोजन पक्ष में पुलिस रिमांड बढ़ाने में भी चंबा पुलिस अपना पक्ष नहीं रख पाई। इस बारे में एसपी चंबा अभिषेक यादव ने कहा कि किहार क्षेत्र में मंडी के जोगिंद्रनगर निवासी आईबी अधिकारी अरुण कुमार की हत्या मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है।