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बीएसएनएल को पांच हजार रुपये हर्जाना देने के आदेश
मंडी
Updated Sat, 30 Apr 2016 11:24 PM IST
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रुपया
- फोटो : demo pic
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मंडी। खराब टेलीफोन को बदलने में देरी बीएसएनएल को महंगी पड़ी है। जिला उपभोक्ता फोरम ने बीएसएनएल को उपभोक्ता के पक्ष में 5000 रुपये हर्जाना अदा करने का फैसला सुनाया। इसके अलावा उपभोक्ता के पक्ष में 2000 रुपये शिकायत व्यय भी अदा करने के आदेश दिए हैं।
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जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष पुरेंद्र वैद्य और सदस्यों रमा वर्मा और आकाश शर्मा ने मंडी के समखेतर निवासी लवण ठाकुर पुत्र नरपत राम की शिकायत को उचित मानते हुए बीएसएनएल के मंडी सर्किल के महाप्रबंधक और एसडीओ को उपभोक्ता के पक्ष में उक्त हर्जाना और शिकायत व्यय अदा करने का फैसला सुनाया है। फोरम ने महाप्रबंधक को आरंभ में उक्त राशि का भुगतान करने के बाद इस मामले की जांच बिठा कर देरी के दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों से वसूली करने के निर्देश दिए हैं।
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अपनी शिकायत की पैरवी खुद कर रहे उपभोक्ता लवण ठाकुर का कहना था कि वह बीएसएनएल की टेलीफोन सेवा का कई सालों से प्रयोग कर रहे हैं। बीएसएनएल की ओर से उन्हें दिये गए टेलीफोन सेट में कुछ खराबी आने के कारण यह ठीक ढंग से कार्य नहीं कर रहा था। उपभोक्ता ने बीएसएनएल के पास इस बारे में शिकायत की थी। बीएसएनएल के लाइनमैन ने सेट को देखकर इसे बदलने के लिए एसडीओ से फोन पर संपर्क करने को कहा।
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ऐेसे में उपभोक्ता ने अपना खराब सेट एसडीओ को सौंपा, लेकिन नया सेट देने के बजाय एक पुराना सेट उपभोक्ता को दिया। उपभोक्ता का कहना था कि वह छह महीने तक बीएसएनएल से नया सेट देने के लिए आग्रह करते रहे। ऐसे में उन्होंने फोरम में शिकायत दर्ज करवाई थी। फोरम ने अपने फैसले में कहा कि उपभोक्ता ने 17 अगस्त 2015 को यह शिकायत दायर की थी लेकिन अभी तक बीएसएनएल उपभोक्ता के खराब फोन को बदल कर खराबी रहित सेट देने के बारे में कोई ध्यान नहीं दे रहा है जो उनकी सेवाओं में कमी को दर्शाता है। ऐसे में फोरम ने बीएसएनएल को उपभोक्ता के पक्ष में उक्त हर्जाना और शिकायत व्यय अदा करने का फैसला सुनाया है।