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बलि नहीं, पर चढ़ाए जाएंगे देव कमरूनाग को बकरे
मंडी
Updated Sun, 12 Jun 2016 06:50 PM IST
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कमरूनाग मंदिर।
- फोटो : अमर उजाला
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गोहर (मंडी)। कमरूनाग के सरानाहुली मेले में बलि प्रथा और पवित्र झील के खजाने पर सीसीटीवी से नजर रखी जाएगी। इसके लिए प्रशासन और मंदिर कमेटी ने पुख्ता प्रबंध कर दिए हैं। देवता का सरानाहुली मेला आगामी 13 और 14 जून को धूमधाम से मनाया जा रहा है। जिसे लेकर मंदिर कमेटी ने मेले संबंधी सभी औपचारिकताओं को पूरा कर लिया है।
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मेले में यह दूसरा मौका होगा जब बलि प्रथा पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा। सरानाहुली मेले के दौरान 21 पुलिसकर्मी कमरूनाग मेले में कानून व्यवस्था का जिम्मा संभालेंगे। प्रशासन की ओर से तहसीलदार गोहर मुंशी राम मेले में व्यवस्था की देखरेख करेंगे। देव कमरूनाग मंदिर में इस बार बलि प्रथा नहीं बल्कि देवता को बतौर मन्नत पूरी होने पर बकरे चढ़ाए जाएंगे। अनेक भक्तों ने मंदिर में जाकर देवता को बकरे चढ़ाना शुरू कर दिए हैं। कमरूनाग मंदिर में शनिवार से 21 पुलिसकर्मी कानून व्यवस्था का जिम्मा संभालेंगे।
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जिसके लिए जिला पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने रणनीति तैयार कर ली है। कमरूनाग के ऐतिहासिक सरानाहुली मेले में इस साल करीब एक लाख श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने की उम्मीद है। कमरूनाग झील के चारों ओर सजी दुकानों से झील आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। देवता के गूर लीलमणी ने बताया कि मेले से पूर्व हजारों श्रद्धालु मंदिर में देवता के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। आषाढ़ संक्रांति के दिन 14 जून को कमरूनाग देवता के सरानाहुली मेले में श्रद्धालु पवित्र झील में सोना, चांदी, नोट और सिक्के चढ़ाएंगे। एसडीएम गोहर राघव शर्मा ने बताया कि सरानाहुली मेले में मंदिर कमेटी को प्रशासन का पूरा सहयोग रहेगा। एसएचओ गोहर चांद किशोर ने बताया कि 21 पुलिस कर्मी रविवार से कमरूनाग मेेले में कानून व्यवस्था संभालेंगे।
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