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Mandi News: इंदिरा मार्केट के 15 डिफाल्टर किरायेदार दुकानदारों को नोटिस जारी
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करोड़ों का किराया दबाने वाले डिफाल्टरों को रोजाना 6 से 7 नोटिस हो रहे जारी
500 और 1000 रुपये मासिक किराये के बावजूद किराया देने से बच रहे डिफाल्टर
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। नगर निगम मंडी ने करोड़ों रुपये का किराया दबाए बैठे करीब 200 डिफाल्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। निगम ने शहर की प्राइम लोकेशनों पर बनी दुकानों को पहले नोटिस जारी करने की कवायद तेज करते हुए दो दिनों के भीतर इंदिरा मार्केट की दुकानों के 15 डिफाल्टरों को नोटिस थमा दिए हैं। इससे पहले भी विभिन्न चरणों में नोटिस जारी किए गए थे जिसके तहत अब तक लगभग 40 डिफाल्टरों को नोटिस भेजे जा चुके हैं। निगम की ओर से रोजाना पांच से छह डिफाल्टरों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
नोटिस जारी होने के 15 दिनों के भीतर यदि संबंधित दुकानदार की ओर से कोई प्रतिक्रिया या भुगतान नहीं किया जाता है तो निगम दुकानों को सील करने की सख्त कार्रवाई अमल में लाएगा। इस कार्रवाई के डर से कुछ दुकानदार स्वयं निगम कार्यालय पहुंचने लगे हैं लेकिन करोड़ों रुपये दबाए बैठे कई डिफाल्टर अभी भी दूरी बनाए हुए हैं। वर्तमान स्थिति यह है कि जिन दुकानों से निगम को लाखों करोड़ों रुपये का राजस्व मिलना चाहिए था उनसे मात्र 500 और 1000 रुपये मासिक किराया तय है लेकिन दुकानदार इस मामूली राशि को चुकाने में भी आनाकानी कर रहे हैं।
किराये की यह पुरानी दरें लंबे समय से जस की तस बनी हुई हैं क्योंकि शहरी विकास विभाग की ओर से नए निर्धारित किराये की अधिसूचना अभी तक जारी नहीं हो पाई है। इसके चलते निगम को पुराने और नाममात्र के किराये पर ही संतोष करना पड़ रहा है। नगर निगम के पास कुल 504 दुकानें और खोखे हैं जिनके संचालन की जिम्मेदारी निगम के पास है।
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बाक्स
नगर निगम की दुकानों का किराया न चुकाने वाले डिफाल्टरों के खिलाफ अब नियमों के तहत सख्त शिकंजा कसा जा रहा है। नियमित रूप में नोटिस जारी हो रहे हैं और नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद बकायेदारों पर पूरी सख्ती से कार्रवाई जाएगी। -अपराजिता चंदेल, सहायक आयुक्त, नगर निगम मंडी
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500 और 1000 रुपये मासिक किराये के बावजूद किराया देने से बच रहे डिफाल्टर
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। नगर निगम मंडी ने करोड़ों रुपये का किराया दबाए बैठे करीब 200 डिफाल्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। निगम ने शहर की प्राइम लोकेशनों पर बनी दुकानों को पहले नोटिस जारी करने की कवायद तेज करते हुए दो दिनों के भीतर इंदिरा मार्केट की दुकानों के 15 डिफाल्टरों को नोटिस थमा दिए हैं। इससे पहले भी विभिन्न चरणों में नोटिस जारी किए गए थे जिसके तहत अब तक लगभग 40 डिफाल्टरों को नोटिस भेजे जा चुके हैं। निगम की ओर से रोजाना पांच से छह डिफाल्टरों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
नोटिस जारी होने के 15 दिनों के भीतर यदि संबंधित दुकानदार की ओर से कोई प्रतिक्रिया या भुगतान नहीं किया जाता है तो निगम दुकानों को सील करने की सख्त कार्रवाई अमल में लाएगा। इस कार्रवाई के डर से कुछ दुकानदार स्वयं निगम कार्यालय पहुंचने लगे हैं लेकिन करोड़ों रुपये दबाए बैठे कई डिफाल्टर अभी भी दूरी बनाए हुए हैं। वर्तमान स्थिति यह है कि जिन दुकानों से निगम को लाखों करोड़ों रुपये का राजस्व मिलना चाहिए था उनसे मात्र 500 और 1000 रुपये मासिक किराया तय है लेकिन दुकानदार इस मामूली राशि को चुकाने में भी आनाकानी कर रहे हैं।
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किराये की यह पुरानी दरें लंबे समय से जस की तस बनी हुई हैं क्योंकि शहरी विकास विभाग की ओर से नए निर्धारित किराये की अधिसूचना अभी तक जारी नहीं हो पाई है। इसके चलते निगम को पुराने और नाममात्र के किराये पर ही संतोष करना पड़ रहा है। नगर निगम के पास कुल 504 दुकानें और खोखे हैं जिनके संचालन की जिम्मेदारी निगम के पास है।
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नगर निगम की दुकानों का किराया न चुकाने वाले डिफाल्टरों के खिलाफ अब नियमों के तहत सख्त शिकंजा कसा जा रहा है। नियमित रूप में नोटिस जारी हो रहे हैं और नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद बकायेदारों पर पूरी सख्ती से कार्रवाई जाएगी। -अपराजिता चंदेल, सहायक आयुक्त, नगर निगम मंडी