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हाथों में पर्ची लेकर टेस्ट के लिए भटकते रहे मरीज
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एसआर लैब के बाहर हाथ में पर्ची पकड़े टेस्ट के लिए पहुंचे युवा संवाद
- फोटो : Mandi
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जोगिंद्रनगर (मंडी)। दिन : बुधवार। समय : 12:10 मिनट। स्थान : नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर। सरकारी लैब के बाहर हाथों में पर्चियां लेकर मरीज टेस्ट करवाने के लिए पहुंचे। उन्हें प्रयोगशाला से यह कहकर लौटाया कि दोपहर 12 बजे के बाद टेस्ट नहीं हो पाएंगे। करार खत्म हो चुका है।
सरकार ने एसआर लैब की जगह नई कंपनी को टेस्ट के लिए अधिकृत किया है। हालांकि नई कंपनी क्रसना ने अभी टेस्ट लेना शुरू नहीं किया है। यह बात सुनकर मरीज निराश होकर लौट गए। कुछ मरीज क्लिनिकों में टेस्ट करवाने पहुंचे। यहां पर उन्हें महंगे दाम अदा करने पड़े। अस्पताल में 9 साल से सेवाएं दे रही एसआर लैब में जहां टेस्ट के लिए मरीजों की भीड़ उमड़ी रहती थी उस भवन में अब सन्नाटा है। मशीनरी और अन्य सामान कर्मचारी हटा रहे हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. देवेंद्र ने कहा कि नई कंपनी जल्द ही अस्पतालों में सरकारी दामों पर टेस्ट सुविधा शुरू कर देगी।
क्या कहते हैं भुगतभोगी
केस स्टडी वन: रंगड़ों के काटने पर बल्ह पंचायत के गलू गांव के निवासी विपन कुमार को सरकारी प्रयोगशाला में टेस्ट की सुविधा नहीं मिली। उन्हें अस्पताल के बाहर प्रयोगशाला में महंगे दाम पर टेस्ट करवाने पड़े।
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केस स्टडी टू: सिविल अस्पताल में दाखिल सुनीता देवी को सीबीएस और एलएफटी के टेस्ट करवाने थे। सरकारी प्रयोगशाला में दोपहर 12 बजे के बाद टेस्ट नहीं हो पाए। जब एसआर लैब का रुख किया तो उनको वहां पर भी निराशा हाथ लगी।
केस स्टडी थ्री : पालमपुर के चढियार निवासी विजय कुमार जब टेस्ट सुविधा के लिए एसआर लैब पहुंच तो उन्होंने वहां पर सन्नाटा पसरा देखा। किसी ने उनको बताया कि यह लैब बंद हो गई है और नई कंपनी ने अभी काम करना शुरू नहीं किया है।
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सरकार ने एसआर लैब की जगह नई कंपनी को टेस्ट के लिए अधिकृत किया है। हालांकि नई कंपनी क्रसना ने अभी टेस्ट लेना शुरू नहीं किया है। यह बात सुनकर मरीज निराश होकर लौट गए। कुछ मरीज क्लिनिकों में टेस्ट करवाने पहुंचे। यहां पर उन्हें महंगे दाम अदा करने पड़े। अस्पताल में 9 साल से सेवाएं दे रही एसआर लैब में जहां टेस्ट के लिए मरीजों की भीड़ उमड़ी रहती थी उस भवन में अब सन्नाटा है। मशीनरी और अन्य सामान कर्मचारी हटा रहे हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. देवेंद्र ने कहा कि नई कंपनी जल्द ही अस्पतालों में सरकारी दामों पर टेस्ट सुविधा शुरू कर देगी।
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क्या कहते हैं भुगतभोगी
केस स्टडी वन: रंगड़ों के काटने पर बल्ह पंचायत के गलू गांव के निवासी विपन कुमार को सरकारी प्रयोगशाला में टेस्ट की सुविधा नहीं मिली। उन्हें अस्पताल के बाहर प्रयोगशाला में महंगे दाम पर टेस्ट करवाने पड़े।
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केस स्टडी टू: सिविल अस्पताल में दाखिल सुनीता देवी को सीबीएस और एलएफटी के टेस्ट करवाने थे। सरकारी प्रयोगशाला में दोपहर 12 बजे के बाद टेस्ट नहीं हो पाए। जब एसआर लैब का रुख किया तो उनको वहां पर भी निराशा हाथ लगी।
केस स्टडी थ्री : पालमपुर के चढियार निवासी विजय कुमार जब टेस्ट सुविधा के लिए एसआर लैब पहुंच तो उन्होंने वहां पर सन्नाटा पसरा देखा। किसी ने उनको बताया कि यह लैब बंद हो गई है और नई कंपनी ने अभी काम करना शुरू नहीं किया है।