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Mandi News: क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में फिर शुरू हुआ ऑक्सीजन प्लांट
Wed, 02 Apr 2025 07:27 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Wed, 02 Apr 2025 07:27 AM IST
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जोनल अस्पताल मंडी में आक्सीजन प्लांट। संवाद
मंडी। क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में लंबे समय से खराब पड़ा ऑक्सीजन प्लांट एक बार फिर से चालू हो गया है। अब अस्पताल के विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों को पाइपलाइन के जरिए सीधे बिस्तर तक ऑक्सीजन उपलब्ध होगी।
कोरोना काल में सरकार ने मरीजों की सुविधा के लिए एक हजार लीटर क्षमता का यह प्लांट शुरू किया था, लेकिन बाद में तकनीकी खराबी के कारण यह बंद हो गया। इसके चलते निजी एजेंसी से ऑक्सीजन सिलेंडरों की आपूर्ति हो रही थी, जिस पर हर माह लाखों रुपये खर्च हो रहे थे।
अस्पताल प्रबंधन ने मरम्मत के लिए स्वास्थ्य विभाग से बजट की मांग की थी, जिसके तहत 3.52 लाख रुपये स्वीकृत हुए। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद ठेकेदार के माध्यम से प्लांट को फिर से चालू कर दिया गया है। क्षेत्रीय अस्पताल मंडी का यह प्लांट 1000 लीटर प्रति मिनट की क्षमता के साथ जिले का सबसे बड़ा ऑक्सीजन प्लांट है। वहीं, नेरचौक मेडिकल कॉलेज में स्थापित प्लांट की क्षमता 500 लीटर प्रति मिनट है।
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क्षेत्रीय अस्पताल मंडी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. धर्म सिंह वर्मा ने बताया कि प्लांट चालू होने से मरीजों को बेहतर सुविधा मिलेगी और ठेकेदारों को दी जाने वाली बड़ी राशि से भी राहत मिलेगी।
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कोरोना काल में सरकार ने मरीजों की सुविधा के लिए एक हजार लीटर क्षमता का यह प्लांट शुरू किया था, लेकिन बाद में तकनीकी खराबी के कारण यह बंद हो गया। इसके चलते निजी एजेंसी से ऑक्सीजन सिलेंडरों की आपूर्ति हो रही थी, जिस पर हर माह लाखों रुपये खर्च हो रहे थे।
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अस्पताल प्रबंधन ने मरम्मत के लिए स्वास्थ्य विभाग से बजट की मांग की थी, जिसके तहत 3.52 लाख रुपये स्वीकृत हुए। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद ठेकेदार के माध्यम से प्लांट को फिर से चालू कर दिया गया है। क्षेत्रीय अस्पताल मंडी का यह प्लांट 1000 लीटर प्रति मिनट की क्षमता के साथ जिले का सबसे बड़ा ऑक्सीजन प्लांट है। वहीं, नेरचौक मेडिकल कॉलेज में स्थापित प्लांट की क्षमता 500 लीटर प्रति मिनट है।
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क्षेत्रीय अस्पताल मंडी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. धर्म सिंह वर्मा ने बताया कि प्लांट चालू होने से मरीजों को बेहतर सुविधा मिलेगी और ठेकेदारों को दी जाने वाली बड़ी राशि से भी राहत मिलेगी।