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गाड़ी की 6,51,914 रूपये की बीमा राशि ब्याज सहित अदा करने के आदेश

Mon, 18 Oct 2021 10:48 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 18 Oct 2021 10:48 PM IST
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Order to pay the insurance amount of 6.51 lakh of the car along with interest
मंडी। जिला उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनी को गाड़ी की 6,51,914 रुपये की बीमा राशि ब्याज सहित अदा करने का फैसला सुनाया है। इसके अलावा कंपनी को उपभोक्ता को 10,000 हर्जाना और 5,000 रुपये शिकायत व्यय भी अदा करना होगा।
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जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष जिला और सत्र न्यायाधीश राजन गुप्ता, सदस्य विभूति शर्मा और यशवंत सिंह ने पैलेस कालोनी निवासी दीपक ढींगरा पुत्र स्वर्ण ढिंगरा की शिकायत को उचित मानते हुए श्रीराम जनरल इंश्योरेंस कंपनी को उपभोक्ता के वाहन की उक्त बीमा राशि 9 प्रतिशत ब्याज दर के साथ अदा करने का फैसला सुनाया है। इसके अलावा कंपनी पर 25,000 रुपये की विशेष कॉस्ट भी लगाई गई है। कंपनी को यह कॉस्ट 30 दिन के भीतर जिला विधिक सहायता कोष में जमा करवानी होगी। अगर यह निश्चित समय में अदा न की तो इस पर 100 रुपये प्रतिदिन की पेनल्टी भी आदेश के दिन से देनी होगी।
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अधिवक्ता भूपेंद्र सिंह के माध्यम से आयोग में दायर शिकायत के अनुसार उपभोक्ता का वाहन उक्त कंपनी के पास बीमाकृत था। बीमा अवधि के दौरान ही 4 जुलाई 2019 को कार में शार्ट सर्किट हो जाने के कारण यह पूरी तरह से जल गई। इस बारे में औट पुलिस थाना में रपट भी दर्ज करवाई गई। घटना की सूचना और दस्तावेज बीमा कंपनी को दिए गए थे। लेकिन बीमा कंपनी ने वाहन का मुआवजा तय नहीं किया। इसके कारण कंपनी को कानूनी नोटिस दिया गया। इसके बावजूद मुआवजा अदा न करने के कारण कंपनी की सेवाओं में कमी की शिकायत आयोग में दायर की।
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आयोग ने फैसले में कहा कि कंपनी ने कहा था कि घटना के नुकसान का फाइनल सर्वे राजेश सूद ने किया था। लेकिन कंपनी की ओर से संजीव राणा की रिपोर्ट दाखिल की गई। इसमें नुकसान का आकलन 3,69,060 किया गया था। आयोग का मानना था कि इससे साबित होता कि या तो संजीव राणा या फिर बीमा कंपनी की ओर से झूठ बोला जा रहा है। आयोग ने कंपनी के आचरण को गलत मानते हुए सर्वे रिपोर्ट को निरस्त कर दिया। आयोग ने कहा कि कंपनी ने गलत तरीके से मुआवजे की फाइल को बंद कर दिया जो सेवाओं में कमी को दर्शाता है।
ऐसे में आयोग ने शिकायत को उचित मानते हुए मुआवजा राशि ब्याज सहित अदा करने के अलावा हर्जाना, शिकायत व्यय और विशेष कॉस्ट भी अदा करने का फैसला सुनाया है।
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