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Mandi News: पत्नी को हर महीने 6 हजार रुपये गुजारा भत्ता देने के आदेश
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दो बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी को देखते हुए मंडी फैमिली कोर्ट का फैसला
पति पर पांच हजार रुपये मुकदमे का खर्च भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय ने पत्नी और दो नाबालिग बच्चों के भरण-पोषण के लिए पति को हर महीने छह हजार रुपये गुजारा भत्ता देने के आदेश दिए हैं। साथ ही पांच हजार रुपये मुकदमे का खर्च भी अदा करना होगा। पत्नी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 144 के तहत याचिका दायर कर 15 हजार रुपये मासिक गुजारा भत्ता और पांच हजार रुपये मुकदमे के खर्च की मांग की थी। उसने आरोप लगाया कि पति के दुर्व्यवहार के कारण उसे वर्ष 2020 में बच्चों के साथ मायके में रहना पड़ा। पति ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि पत्नी अपनी मर्जी से घर छोड़कर गई थी। अदालत ने पति की आय के दावे और प्रदेश सरकार की अधिसूचना में निर्धारित अकुशल श्रमिक की 12,750 रुपये मासिक मजदूरी को ध्यान में रखा। अदालत ने पत्नी पर दोनों बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी को देखते हुए याचिका दायर करने की तारीख से छह हजार रुपये मासिक गुजारा भत्ता देने के आदेश दिए।
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पति पर पांच हजार रुपये मुकदमे का खर्च भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय ने पत्नी और दो नाबालिग बच्चों के भरण-पोषण के लिए पति को हर महीने छह हजार रुपये गुजारा भत्ता देने के आदेश दिए हैं। साथ ही पांच हजार रुपये मुकदमे का खर्च भी अदा करना होगा। पत्नी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 144 के तहत याचिका दायर कर 15 हजार रुपये मासिक गुजारा भत्ता और पांच हजार रुपये मुकदमे के खर्च की मांग की थी। उसने आरोप लगाया कि पति के दुर्व्यवहार के कारण उसे वर्ष 2020 में बच्चों के साथ मायके में रहना पड़ा। पति ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि पत्नी अपनी मर्जी से घर छोड़कर गई थी। अदालत ने पति की आय के दावे और प्रदेश सरकार की अधिसूचना में निर्धारित अकुशल श्रमिक की 12,750 रुपये मासिक मजदूरी को ध्यान में रखा। अदालत ने पत्नी पर दोनों बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी को देखते हुए याचिका दायर करने की तारीख से छह हजार रुपये मासिक गुजारा भत्ता देने के आदेश दिए।