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Mandi News: बीएमसी को ब्रेयोगी से बदलने की कवायद का किया विरोध
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ब्रेयोगी में दुग्ध उत्पादक की आयोजित बैठक में मौजूद सदस्य । स्रोत संगठन
थुनाग (मंडी)। दुग्ध उत्पादक सोसायटियों ने बल्क मिल्क कूलिंग (बीएमसी) सेंटर को ब्रेयोगी से दूसरी जगह स्थानांतरित करने की योजना का विरोध किया। रविवार को ब्रेयोगी में दुग्ध उत्पादक संघ की बैठक अध्यक्ष किशोरी लाल की अध्यक्षता में हुई। इसमें क्षेत्र की दुग्ध उत्पादक सोसायटियों ने भाग लिया। अध्यक्ष ने कहा कि छतरी उपतहसील की 16 सोसायटियां हैं।
इसमें छतरी, बगड़ा, पोखी, थुआ, रूहमणी, ठैंसर, कांढी, थाच चपलांदी, धार टिपरा, कोट, बाग, करगाणु, कुठेल, जयबाग, बहली और सैंज प्रतिदिन ब्रेयोगी स्थित बल्क मिल्क कूलर (बीएमसी) में 6200 लीटर दूध भेजती हैं। महीने का लगभग 1.80 लाख लीटर बनता है जिसकी पेमेंट 60 लाख रुपये बनती है। बीएमसी ब्रेयोगी से यह दूध शिमला जिले के दत्तनगर दूध प्रसंस्करण के लिए जाता है।
किशोरी लाल ने बताया कि क्षेत्र की पांच सोसायटियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर बीएमसी को ब्रेयोगी से छतरी स्थानांतरित करने का प्रस्ताव रखा है जोकि उचित नहीं है। 2013 में स्थापित ब्रेयोगी बीएमसी में रोजाना लाख लीटर दूध एकत्र होता है। इससे क्षेत्र के सैकड़ों दुग्ध उत्पादकों को लाभ होता है।
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किसान नेता बिहारी लाल ने बताया कि ब्रेयोगी सभी सोसायटियों के केंद्र में पड़ता है जहां ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं आसानी से दूध पहुंचाती हैं जबकि छतरी दूसरे छोर पर है। इससे दुग्ध उत्पादकों को भारी असुविधा झेलनी पड़ेगी।
स्थानीय प्रधान जयवंती चौहान, युवा कांग्रेस के महासचिव मोहर सिंह माही और दिनेश राणा ने बताया कि बीएमसी ब्रेयोगी को यथावत रखने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, चेयरमैन मिल्क फेडरेशन और एमडी को प्रस्ताव भेजे जा रहे हैं। इसके बावजूद अगर बीएमसी को ब्रेयोगी से हटाया गया तो दुग्ध उत्पादक संघ सड़कों पर उतरेगा।
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इसमें छतरी, बगड़ा, पोखी, थुआ, रूहमणी, ठैंसर, कांढी, थाच चपलांदी, धार टिपरा, कोट, बाग, करगाणु, कुठेल, जयबाग, बहली और सैंज प्रतिदिन ब्रेयोगी स्थित बल्क मिल्क कूलर (बीएमसी) में 6200 लीटर दूध भेजती हैं। महीने का लगभग 1.80 लाख लीटर बनता है जिसकी पेमेंट 60 लाख रुपये बनती है। बीएमसी ब्रेयोगी से यह दूध शिमला जिले के दत्तनगर दूध प्रसंस्करण के लिए जाता है।
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किशोरी लाल ने बताया कि क्षेत्र की पांच सोसायटियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर बीएमसी को ब्रेयोगी से छतरी स्थानांतरित करने का प्रस्ताव रखा है जोकि उचित नहीं है। 2013 में स्थापित ब्रेयोगी बीएमसी में रोजाना लाख लीटर दूध एकत्र होता है। इससे क्षेत्र के सैकड़ों दुग्ध उत्पादकों को लाभ होता है।
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किसान नेता बिहारी लाल ने बताया कि ब्रेयोगी सभी सोसायटियों के केंद्र में पड़ता है जहां ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं आसानी से दूध पहुंचाती हैं जबकि छतरी दूसरे छोर पर है। इससे दुग्ध उत्पादकों को भारी असुविधा झेलनी पड़ेगी।
स्थानीय प्रधान जयवंती चौहान, युवा कांग्रेस के महासचिव मोहर सिंह माही और दिनेश राणा ने बताया कि बीएमसी ब्रेयोगी को यथावत रखने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, चेयरमैन मिल्क फेडरेशन और एमडी को प्रस्ताव भेजे जा रहे हैं। इसके बावजूद अगर बीएमसी को ब्रेयोगी से हटाया गया तो दुग्ध उत्पादक संघ सड़कों पर उतरेगा।
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