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Mandi News: लंबाथाच मेले में सिर्फ निभाई गई देव परंपरा
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लंबाथाच मेले में शिकरत करने पहुंचे देवता। संवाद
हाईकोर्ट की रोक के बाद कारोबार ठप
संवाद न्यूज एजेंसी
थुनाग (मंडी)। सराज घाटी का प्रसिद्ध जिला स्तरीय लंबाथाच नलवाड़ मेला इस बार हाईकोर्ट के कॉलेज परिसर में गैर-शैक्षणिक गतिविधियों पर प्रतिबंध के चलते फीका रहा। व्यापारिक और सांस्कृतिक आयोजन पूरी तरह स्थगित रहे तथा करीब सौ प्लाटों का आवंटन रद्द कर व्यापारियों की राशि लौटाई गई।
दशकों पुरानी देव परंपरा को कायम रखते हुए सोमवार को देव तुंगासी और देवी महामाया पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ मेला स्थल पहुंचे। ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच केवल खूंटा गाड़ने की प्राचीन धार्मिक रस्म निभाई गई। श्रद्धालुओं ने देव-दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
सुनाह लंबाथाच पंचायत प्रधान सरोज शर्मा ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश का सम्मान करते हुए व्यापारिक गतिविधियां रद्द की गईं, जबकि देव संस्कृति से जुड़ी पारंपरिक रस्मों का सीमित दायरे में निर्वहन किया गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
थुनाग (मंडी)। सराज घाटी का प्रसिद्ध जिला स्तरीय लंबाथाच नलवाड़ मेला इस बार हाईकोर्ट के कॉलेज परिसर में गैर-शैक्षणिक गतिविधियों पर प्रतिबंध के चलते फीका रहा। व्यापारिक और सांस्कृतिक आयोजन पूरी तरह स्थगित रहे तथा करीब सौ प्लाटों का आवंटन रद्द कर व्यापारियों की राशि लौटाई गई।
दशकों पुरानी देव परंपरा को कायम रखते हुए सोमवार को देव तुंगासी और देवी महामाया पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ मेला स्थल पहुंचे। ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच केवल खूंटा गाड़ने की प्राचीन धार्मिक रस्म निभाई गई। श्रद्धालुओं ने देव-दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
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सुनाह लंबाथाच पंचायत प्रधान सरोज शर्मा ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश का सम्मान करते हुए व्यापारिक गतिविधियां रद्द की गईं, जबकि देव संस्कृति से जुड़ी पारंपरिक रस्मों का सीमित दायरे में निर्वहन किया गया।
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