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Mandi News: मोबाइल में आभा ऐप से क्यूआर कोड स्कैन करने पर तुरंत बन जाएगी पर्ची
Thu, 29 Aug 2024 05:49 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 29 Aug 2024 05:49 AM IST
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मंडी। क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में पर्ची बनाने के लिए अब लंबी कतारों में लगने से छुटकारा मिलने वाला है। अब काउंटर पर पहुंचते ही झट से पर्ची बनाई जा सकेगी। इसके लिए मोबाइल फोन पर आभा ऐप डाउनलोड करके खाता बनाना होगा। इसके बाद अस्पताल में जाने पर पर्ची काउंटर पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन करना होगा। इसके बाद आसानी से पर्ची बनाई जा सकेगी।
क्षेत्रीय अस्पताल में ट्रायल पर यह व्यवस्था शुरू की गई है। क्यूआर कोड को स्कैन करते हुए एक टोकन नंबर जनरेट होगा। एक घंटे के लिए मान्य टोकन नंबर के साथ ही पिता का नाम और अस्पताल के जिस विभाग में अपनी जांच करवानी हैं, इसकी जानकारी काउंटर पर देनी होगी। यह जानकारी देते ही आपकी पर्ची बन जाएगी। इससे समय की बचत होगी।
उपायुक्त मंडी ने पर्ची बनाने के लिए घंटों कतार में लगने की लोगों की समस्या को दूर करने के निर्देश दिए थे। निर्देशों के बाद अस्पताल में ट्रायल आधार पर यह व्यवस्था की गई है। अगर व्यवस्था सफल रही तो काउंटर पर पर्चियां बनाने के लिए लगने वाली भीड़ कम हो जाएगी। अभी तक पर्ची बनाने के लिए मरीज का नाम, उम्र, लिंग, मोबाइल नंबर, पता और जिस विभाग में दिखाना है, उसकी सारी जानकारी देनी होती है। इसे भरने में काफी वक्त लग जाता था।
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उधर, क्षेत्रीय अस्पताल मंडी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डीएस वर्मा ने पर्ची बनाने के लिए आने वाले मरीजों और तीमारदारों से इस सुविधा का इस्तेमाल करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था को अपनाने के साथ पुराने तरीके से बन रही पर्चियों की व्यवस्था भी जारी रहेगी।
उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने उम्मीद जताई क्यूआर कोड को स्कैन करने से पर्ची बनाने पर व्यवस्था में सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में घर से ही पर्ची बनाने की सुविधा शुरू करने पर भी विचार किया जा जा रहा।
छुट्टी के बाद विशेष पर्ची काउंटर
छुट्टी के बाद अगले दिन अस्पताल में भीड़ को देखते हुए अस्पताल के पिछले हिस्से में कोविड के दौरान बनाए गए काउंटर पर सुबह 9:30 से दोपहर 1:30 बजे तक पर्चियां बनाई जा रही हैं। इससे मरीजों को लंबे समय तक लाइन में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ेगी और उन्हें बेहतर सेवा मिल सकेगी।
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क्षेत्रीय अस्पताल में ट्रायल पर यह व्यवस्था शुरू की गई है। क्यूआर कोड को स्कैन करते हुए एक टोकन नंबर जनरेट होगा। एक घंटे के लिए मान्य टोकन नंबर के साथ ही पिता का नाम और अस्पताल के जिस विभाग में अपनी जांच करवानी हैं, इसकी जानकारी काउंटर पर देनी होगी। यह जानकारी देते ही आपकी पर्ची बन जाएगी। इससे समय की बचत होगी।
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उपायुक्त मंडी ने पर्ची बनाने के लिए घंटों कतार में लगने की लोगों की समस्या को दूर करने के निर्देश दिए थे। निर्देशों के बाद अस्पताल में ट्रायल आधार पर यह व्यवस्था की गई है। अगर व्यवस्था सफल रही तो काउंटर पर पर्चियां बनाने के लिए लगने वाली भीड़ कम हो जाएगी। अभी तक पर्ची बनाने के लिए मरीज का नाम, उम्र, लिंग, मोबाइल नंबर, पता और जिस विभाग में दिखाना है, उसकी सारी जानकारी देनी होती है। इसे भरने में काफी वक्त लग जाता था।
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उधर, क्षेत्रीय अस्पताल मंडी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डीएस वर्मा ने पर्ची बनाने के लिए आने वाले मरीजों और तीमारदारों से इस सुविधा का इस्तेमाल करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था को अपनाने के साथ पुराने तरीके से बन रही पर्चियों की व्यवस्था भी जारी रहेगी।
उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने उम्मीद जताई क्यूआर कोड को स्कैन करने से पर्ची बनाने पर व्यवस्था में सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में घर से ही पर्ची बनाने की सुविधा शुरू करने पर भी विचार किया जा जा रहा।
छुट्टी के बाद विशेष पर्ची काउंटर
छुट्टी के बाद अगले दिन अस्पताल में भीड़ को देखते हुए अस्पताल के पिछले हिस्से में कोविड के दौरान बनाए गए काउंटर पर सुबह 9:30 से दोपहर 1:30 बजे तक पर्चियां बनाई जा रही हैं। इससे मरीजों को लंबे समय तक लाइन में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ेगी और उन्हें बेहतर सेवा मिल सकेगी।