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Mandi News: अब मोबाइल एप से वाहनों की पासिंग, खत्म हुआ भागदौड़ का झंझट
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मंडी। हिमाचल प्रदेश में सेवाएं अब डिजिटल एवं तकनीक आधारित हो रही हैं। अब वाहनों की पासिंग मोबाइल एप से हो रही है। परिवहन विभाग ने आरटीओ कार्यालयों के माध्यम से इस व्यवस्था को शुरू कर दिया है। विभाग ने एक विशेष एप तैयार की है। इसी के जरिये कार्य हो रहा है। खास है कि पासिंग वाली जगह में यह एप 500 मीटर के दायरे में ही काम करती है। यदि इससे बाहर मोबाइल को ले जाया गया तो फिर यह एप काम करना बंद कर देती है। इससे विभाग एमवीआई की लोकेशन को भी ट्रैक कर रहा है।
वाहनों की पासिंग के लिए पहले ऑनलाइन अप्लाई करने के बाद एक फाइल तैयार की जाती थी जिसे मौके पर एमवीआई को दिखाने के बाद वे उस पर हस्ताक्षर करते थे। इसके बाद इस फाइल को आरटीओ के पास ले जाना पड़ता था और फिर आरटीओ उस पर हस्ताक्षर करके फाइनल स्वीकृति देते थे, लेकिन अब मोबाइल एप से एमवीआई की ओर से वाहन का पूरा निरीक्षण किया जाता है और इसकी फोटो सहित सारी जानकारी ऑनलाइन ही भरी जाती है। यह सारी जानकारी आरटीओ के पास पहुंच जाती है और वहां से तुरंत प्रभाव से अप्रूवल मिल जाती है।
वाहन मालिकों को अब बार-बार आरटीओ कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे। यह व्यवस्था अभी आरटीओ कार्यालयों के माध्यम से होने वाली पासिंग के लिए ही शुरू हुई है। एसडीएम कार्यालय के स्तर पर हो रही पासिंग अभी भी पुराने तरीके से ही हो रही है। एसडीएम कार्यालय में भी यह योजना शुरू करने की कवायद है।
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नई तकनीक से वाहनों की पासिंग पूरी पारदर्शिता से हो रही है। इससे लोगों के धन और समय की बचत भी हो रही है। कार्यालय के कर्मचारियों का बोझ भी थोड़ा कम हुआ है।
-नवीन शर्मा, आरटीओ मंडी
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वाहनों की पासिंग के लिए पहले ऑनलाइन अप्लाई करने के बाद एक फाइल तैयार की जाती थी जिसे मौके पर एमवीआई को दिखाने के बाद वे उस पर हस्ताक्षर करते थे। इसके बाद इस फाइल को आरटीओ के पास ले जाना पड़ता था और फिर आरटीओ उस पर हस्ताक्षर करके फाइनल स्वीकृति देते थे, लेकिन अब मोबाइल एप से एमवीआई की ओर से वाहन का पूरा निरीक्षण किया जाता है और इसकी फोटो सहित सारी जानकारी ऑनलाइन ही भरी जाती है। यह सारी जानकारी आरटीओ के पास पहुंच जाती है और वहां से तुरंत प्रभाव से अप्रूवल मिल जाती है।
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वाहन मालिकों को अब बार-बार आरटीओ कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे। यह व्यवस्था अभी आरटीओ कार्यालयों के माध्यम से होने वाली पासिंग के लिए ही शुरू हुई है। एसडीएम कार्यालय के स्तर पर हो रही पासिंग अभी भी पुराने तरीके से ही हो रही है। एसडीएम कार्यालय में भी यह योजना शुरू करने की कवायद है।
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नई तकनीक से वाहनों की पासिंग पूरी पारदर्शिता से हो रही है। इससे लोगों के धन और समय की बचत भी हो रही है। कार्यालय के कर्मचारियों का बोझ भी थोड़ा कम हुआ है।
-नवीन शर्मा, आरटीओ मंडी