{"_id":"6a8341b2370769995f0c0428","slug":"no-pain-relief-injections-at-civil-hospital-jogindernagar-mandi-news-c-90-1-mnd1023-209415-2026-08-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में नहीं दर्द निवारक इंजेक्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में नहीं दर्द निवारक इंजेक्शन
विज्ञापन
जोगिंद्रनगर (मंडी)। नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में आवश्यक जीवन रक्षक दवाओं और दर्द निवारक इंजेक्शन की कमी बनी हुई है। सड़क एवं अन्य हादसों में गंभीर घायल और फ्रैक्चर से पीड़ित मरीजों को आपातकालीन सेवा में दर्द से तुरंत राहत नहीं मिल पा रही है।
100 बिस्तरों वाले अस्पताल में प्राथमिक स्तर पर ही राहत न मिलने के कारण मरीजों को चीखते-चिल्लाते हुए 80 से 100 किलोमीटर दूर नेरचौक तथा टांडा रेफर करना पड़ रहा है। लंबे सफर के दौरान घायलों को बीच रास्ते में पालमपुर या अन्य अस्पतालों में रुककर दर्द निवारक इंजेक्शन लगवाने पड़ रहे हैं, जिससे मरीजों के साथ-साथ उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल की इस बदहाली पर स्थानीय निवासियों ने गहरा रोष व्यक्त किया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक चौहान ने कहा कि जिन दवाओं व इंजेक्शन की कमी चल रही है, उन्हें तुरंत पूरा करने के लिए अस्पताल प्रभारी को दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि गंभीर चोटों और फ्रैक्चर वाले मरीजों के इलाज में किसी भी तरह की कोताही नहीं बरतने दी जाएगी।
विज्ञापन
आपातकालीन सेवाओं में दर्द निवारक इंजेक्शन का न होना अत्यंत चिंताजनक है। हादसों के शिकार गंभीर मरीजों को तड़पने से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन को तुरंत पुख्ता इंतजाम करने चाहिए।
- संदीप सूद, स्थानीय निवासी
सड़क हादसों में घायल मरीजों को दर्द निवारक इंजेक्शन का लाभ न मिलना चिकित्सकों और मरीजों के लिए समस्या पैदा कर रहा है। अस्पताल प्रशासन को मरीजों को राहत पहुंचाने के प्रयास करने चाहिए।
- रमन बहल, स्थानीय निवासी।
विज्ञापन
100 बिस्तरों वाले अस्पताल में प्राथमिक स्तर पर ही राहत न मिलने के कारण मरीजों को चीखते-चिल्लाते हुए 80 से 100 किलोमीटर दूर नेरचौक तथा टांडा रेफर करना पड़ रहा है। लंबे सफर के दौरान घायलों को बीच रास्ते में पालमपुर या अन्य अस्पतालों में रुककर दर्द निवारक इंजेक्शन लगवाने पड़ रहे हैं, जिससे मरीजों के साथ-साथ उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल की इस बदहाली पर स्थानीय निवासियों ने गहरा रोष व्यक्त किया है।
विज्ञापन
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक चौहान ने कहा कि जिन दवाओं व इंजेक्शन की कमी चल रही है, उन्हें तुरंत पूरा करने के लिए अस्पताल प्रभारी को दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि गंभीर चोटों और फ्रैक्चर वाले मरीजों के इलाज में किसी भी तरह की कोताही नहीं बरतने दी जाएगी।
विज्ञापन
आपातकालीन सेवाओं में दर्द निवारक इंजेक्शन का न होना अत्यंत चिंताजनक है। हादसों के शिकार गंभीर मरीजों को तड़पने से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन को तुरंत पुख्ता इंतजाम करने चाहिए।
- संदीप सूद, स्थानीय निवासी
सड़क हादसों में घायल मरीजों को दर्द निवारक इंजेक्शन का लाभ न मिलना चिकित्सकों और मरीजों के लिए समस्या पैदा कर रहा है। अस्पताल प्रशासन को मरीजों को राहत पहुंचाने के प्रयास करने चाहिए।
- रमन बहल, स्थानीय निवासी।