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Mandi News: न दवा न उपचार, रेफरल सेंटर बना जोगिंद्रनगर अस्पताल

Mon, 08 Jun 2026 12:38 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 08 Jun 2026 12:38 AM IST
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No medicine, no treatment, Jogindernagar hospital becomes referral center
विशेषज्ञों के अभाव में मरीज परेशान
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खाली ओपीडी और दवाओं की किल्लत से बढ़ी नाराजगी
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। सौ बिस्तरों वाले नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति के कारण मरीजों और उनके तीमारदारों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी और आवश्यक दवाओं के अभाव के चलते दूरदराज क्षेत्रों से उपचार के लिए आने वाले मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। मौजूदा हालात में अस्पताल धीरे-धीरे केवल रेफरल सेंटर बनकर रह गया है।
अस्पताल की खाली पड़ी ओपीडी, सूने कक्ष और चिकित्सकों के रिक्त कमरे मरीजों और उनके परिजनों में आक्रोश का कारण बन रहे हैं। तीमारदारों अभिनव, जितेंद्र और सुनील कुमार ने बताया कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के चलते अधिकांश मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद टांडा और नेरचौक जैसे बड़े अस्पतालों के लिए रेफर किया जा रहा है।
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दुर्घटनाओं में घायल मरीजों और गंभीर रोगियों को भी समय पर उचित उपचार नहीं मिल पा रहा है। स्थिति यह है कि 80 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग मरीजों को भी गंभीर अवस्था में दूसरे अस्पतालों के लिए रेफर किया जा रहा है, जिससे परिजनों को आर्थिक और मानसिक दोनों प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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रविवार को अस्पताल में मौजूद तीमारदार बीना देवी और ममता ने भी स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए दवाओं की कमी पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि अस्पताल में कई आवश्यक दवाएं और जीवनरक्षक इंजेक्शन उपलब्ध नहीं हैं। मरीजों को बाहर से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं।

डॉक्टरों के 19 स्वीकृत पदों में 12 खाली
नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों के 19 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 12 पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं। इनमें हड्डी रोग, नेत्र रोग, त्वचा रोग सहित विभिन्न विशेषज्ञ पद शामिल हैं। विशेषज्ञों की कमी के कारण ओपीडी सेवाएं प्रभावित हो रही हैं और गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार के लिए अन्य अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है।

पक्ष
अस्पताल प्रशासन के अनुसार विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति को लेकर स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। रिक्त पदों को भरने के लिए विभागीय स्तर पर प्रयास जारी हैं। -डॉ. विकास नाथ, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर
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