{"_id":"67cc8b729f007ffff30e09df","slug":"new-equations-will-be-created-by-implementation-of-roster-in-municipal-elections-mandi-news-c-90-1-mnd1001-149979-2025-03-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: नगर निगम चुनाव में रोस्टर लागू होने से बनेंगे नए समीकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: नगर निगम चुनाव में रोस्टर लागू होने से बनेंगे नए समीकरण
विज्ञापन
मंडी। नगर निगम के चुनाव में रोस्टर लागू होने से अब की बार नए समीकरण बनेंगे। इससे कुछ वार्ड आरक्षित तो कुछ अनारक्षित हो जाएंगे। इससे लंबे समय से वार्ड का प्रतिनिधित्व कर रहे पार्षदों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। शहरी निकाय में वार्ड का प्रतिनिधित्व करने की हसरत दिल में पाले बैठे पार्षदों को नए वार्ड की तलाश करनी होगी। लोगों के बीच पैठ बना कर उनकी कसौटी पर खरा उतरना होगा।
नगर निगम मंडी को अस्तित्व में आए करीब साढ़े चार साल का समय हो गया है। अक्तूबर में पांच साल का कार्यकाल पूरा हो जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त ने हाल ही में जिले में स्थानीय निकाय के चुनाव की तैयारियों को लेकर बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी और अन्य को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके बाद शहरी निकाय के चुनाव को लेकर अंदरखाते सरगर्मियां शुरू हो गई हैं।
वर्तमान पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों में सक्रियता पहले से अधिक बढ़ा दी है। विकास कार्यों को भी गति देना शुरू कर दिया है लेकिन अंदरखाते पार्षदों में रोस्टर को लेकर असमंजस बना हुआ है। वर्तमान पार्षद दुविधा में हैं। राज्य निर्वाचन आयोग की कवायद के बाद शहर का कौन सा वार्ड आरक्षित, कौन अनारक्षित होगा इसकी चर्चा भी लोगों की जुबां पर है।
विज्ञापन
नगर निगम मंडी में वर्तमान में खलियार, पुरानी मंडी, पड्डल, नेला, मंगवाई, सन्यारढ, तल्याहड़, पैलेस काॅलोनी एक, पैलेस काॅलोनी दो, सुहड़ा मोहल्ला, समखेतर, भगवाहन, थनेहड़ा, बैहना, दौंधी वार्ड हैं। इसमें कुछ वार्ड ऐसे भी है, जहां पर लंबे समय से एक ही पार्षद प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
.......
नगर निगम में नए वार्ड बनाना, रोस्टर लागू करना सरकार के अधिकार क्षेत्र में है। वार्ड के लिए कम से कम 2500 जनसंख्या होना जरूरी है। सरकार के आगामी कदम से वार्डों और इसके रोस्टर के बारे में स्थिति स्पष्ट होगी।
-वीरेंद्र भट्ट शर्मा, महापौर, नगर निगम मंडी
000
विज्ञापन
नगर निगम मंडी को अस्तित्व में आए करीब साढ़े चार साल का समय हो गया है। अक्तूबर में पांच साल का कार्यकाल पूरा हो जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त ने हाल ही में जिले में स्थानीय निकाय के चुनाव की तैयारियों को लेकर बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी और अन्य को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके बाद शहरी निकाय के चुनाव को लेकर अंदरखाते सरगर्मियां शुरू हो गई हैं।
विज्ञापन
वर्तमान पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों में सक्रियता पहले से अधिक बढ़ा दी है। विकास कार्यों को भी गति देना शुरू कर दिया है लेकिन अंदरखाते पार्षदों में रोस्टर को लेकर असमंजस बना हुआ है। वर्तमान पार्षद दुविधा में हैं। राज्य निर्वाचन आयोग की कवायद के बाद शहर का कौन सा वार्ड आरक्षित, कौन अनारक्षित होगा इसकी चर्चा भी लोगों की जुबां पर है।
विज्ञापन
नगर निगम मंडी में वर्तमान में खलियार, पुरानी मंडी, पड्डल, नेला, मंगवाई, सन्यारढ, तल्याहड़, पैलेस काॅलोनी एक, पैलेस काॅलोनी दो, सुहड़ा मोहल्ला, समखेतर, भगवाहन, थनेहड़ा, बैहना, दौंधी वार्ड हैं। इसमें कुछ वार्ड ऐसे भी है, जहां पर लंबे समय से एक ही पार्षद प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
.......
नगर निगम में नए वार्ड बनाना, रोस्टर लागू करना सरकार के अधिकार क्षेत्र में है। वार्ड के लिए कम से कम 2500 जनसंख्या होना जरूरी है। सरकार के आगामी कदम से वार्डों और इसके रोस्टर के बारे में स्थिति स्पष्ट होगी।
-वीरेंद्र भट्ट शर्मा, महापौर, नगर निगम मंडी
000