बेटी अनमोल धन सा यारो, सबे सुणा एसा गला हो
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राज्य स्तरीय नलवाड़ मेले की पांचवीं सांस्कृतिक संध्या हिमाचली कलाकारों के नाम रही। प्रदेश के नामी गायक धीरज शर्मा, लोक गायक नरेंद्र ठाकुर और कुलदीप शर्मा ने अपनी प्रस्तुतियों ने प्रदेश की संस्कृति की अमिट छाप छोड़ी। संध्या में अनुसूचित जाति जनजाति निगम के चेयरमैन टेक चंद डोगरा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। लोक गायक धीरज शर्मा ने कार्यक्रम की शुरूआत भजन राधा का भी श्याम बोलो मीरा का भी श्याम से की। उसके बाद उन्होंने दिल्ली शहर चल मेरी रेशमा, गोरा गोरा मुखड़ा तेरा सहित एक से बढ़कर एक गाने से अपनी सुरीली आवाज का जादू बिखरा।
उन्होंने मोहम्मद रफी का गाना चाहूंगा मैं तूझे सांझ सवेरे बेहतरीन अंदाज में प्रस्तुत किया। लोक गायक नरेंद्र ठाकुर ने कार्यक्रम का आगाज अपने गीत ‘बेटी अनमोल धन सा यारो सबे सुणा एसा गला हो से किया। इस गीत को पेश कर सबको भावुक करते हुए बेटी की महिमा का बखान किया। उन्होंने झूरी शैली पर आधारित लाल तेरे होंठड़ू जेड़े खिलदे फूल, ओ रेनू तेूरी चिट्ठी पत्र आईया, बोतला फूटी, सूट सल्यादी राधा, तहोदा बसणा ता हां करे सहित अनेक पहाड़ी गीत प्रस्तुत कर सबको हिमाचल की संस्कृति से रुबरु करवाया। ममता ने भी एक से बढ़कर एक पहाड़ी गीत प्रस्तुत कर समां बांधा।
हम हिमाचली है म्यूजिकल ग्रुप के कलाकार ललित शर्मा ने आईया वे तेरे देखण नूं तथा अखियां उड़ीका दिया प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी। नाटी किंग कुलदीप शर्मा की नाटियों पर पंडाल में मौजूद युवाओं ने खूब डांस किया। सतगुरू वंदना से कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए ढोला रा ढमाका, नाटी किंग दे ठिकाने बल्लिए कोई भी न जाने, डीजे पौंदे लागे नाटी, कुल्लू मनाली लागा मेला, रोहडू जाणा मेरी आमिए, प्रिति जिंटा कौखे चली तू सहित एक से बढ़कर एक पहाड़ी नाटियां प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी।
इससे पूर्व शिवा म्यूजिकल ग्रुप, कामाक्षा सांस्कृतिक लोककला मंच, टारना जंक्शन बैंड, अमर ज्योति सुर संगम कला मंच, रंजना म्यूजकिल ग्रुप, नितिन कौशल म्यूूजिकल ग्रुप, कुसुम कला मंच, मल्होत्रा म्यूजिकल ग्रुप, देवकांत रविकांत म्यूजिकल ग्रुप, फयूजन डांस ग्रुप, हार्ट बीट म्यूजिकल ग्रुप, नटराज अकादमी तथा विनोद कुमार के कार्यक्रम भी सराहनीय रहे।