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Mandi News: हरित भूमि के हस्तांतरण के विरोध में उतरी नागरिक परिषद मंडी
Thu, 21 Mar 2024 12:11 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 21 Mar 2024 12:11 AM IST
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मंडी। नगर निगम के तहत आते खलियार वार्ड में शनि देव मंदिर के साथ एनएच और कटौला रोड के बीच स्थित हरित भूमि को बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए हस्तांतरित करने पर नागरिक परिषद मंडी विरोध में आ गई है। इस लेकर नागरिक परिषद मंडी के प्रधान ओपी कपूर ने उपायुक्त अपूर्व देवगन को पत्र भेजकर आपत्ति जताई है।
उन्होंने पत्र में कहा है कि खलियार वार्ड में हरित भूमि को बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए कुछ सरकारी व अर्ध-सरकारी संगठनों को हस्तांतरित किया जा रहा है। जबकि शहरी क्षेत्र में हरियाली का बेहद कम हिस्सा बचा है और घटती हरियाली के कारण व अधिक क्षेत्र जोड़ने की तत्काल जरूरत है। यदि ऐसे हरित क्षेत्रों के उपरोक्त हस्तांतरण की अनुमति दी जाती है तो शहर में केवल कंकरीट का जंगल ही रह जाएगा।
उन्होंने कहा कि मांडव्य नेचर पार्क के नीचे कांगनी पहाड़ियों का अनादर इसका उदाहरण है, जहां केंचुआ खाद, संस्कृत सदन, चामुंडा देवी मंदिर आदि की स्थापना के लिए वन विभाग द्वारा सैकड़ों हरे-भरे पेड़ों को काट दिया गया है। उन्होंने चेताया कि अभी शहर वासी पिछली आपदा से बाहर भी नहीं आए हैं।
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उन्होंने उपायुक्त से मांग की है कि भावी पीढ़ी के व्यापक हित में किसी भी प्रकार की निर्माण गतिविधि के लिए उपरोक्त भूमि के हस्तांतरण को आगे न बढ़ाएं। उधर, खलियार वार्ड की पार्षद अल्कनंदा हांडा ने बताया कि उनकी जानकारी में आया है कि यहां पर सीआईडी कार्यालय का निर्माण करवाया जा रहा है। विकास के लिए कार्यालय बनाने जरूरी हैं, लेकिन पिछली बार की आपदा से सबक लेना भी जरूरी है।
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उन्होंने पत्र में कहा है कि खलियार वार्ड में हरित भूमि को बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए कुछ सरकारी व अर्ध-सरकारी संगठनों को हस्तांतरित किया जा रहा है। जबकि शहरी क्षेत्र में हरियाली का बेहद कम हिस्सा बचा है और घटती हरियाली के कारण व अधिक क्षेत्र जोड़ने की तत्काल जरूरत है। यदि ऐसे हरित क्षेत्रों के उपरोक्त हस्तांतरण की अनुमति दी जाती है तो शहर में केवल कंकरीट का जंगल ही रह जाएगा।
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उन्होंने कहा कि मांडव्य नेचर पार्क के नीचे कांगनी पहाड़ियों का अनादर इसका उदाहरण है, जहां केंचुआ खाद, संस्कृत सदन, चामुंडा देवी मंदिर आदि की स्थापना के लिए वन विभाग द्वारा सैकड़ों हरे-भरे पेड़ों को काट दिया गया है। उन्होंने चेताया कि अभी शहर वासी पिछली आपदा से बाहर भी नहीं आए हैं।
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उन्होंने उपायुक्त से मांग की है कि भावी पीढ़ी के व्यापक हित में किसी भी प्रकार की निर्माण गतिविधि के लिए उपरोक्त भूमि के हस्तांतरण को आगे न बढ़ाएं। उधर, खलियार वार्ड की पार्षद अल्कनंदा हांडा ने बताया कि उनकी जानकारी में आया है कि यहां पर सीआईडी कार्यालय का निर्माण करवाया जा रहा है। विकास के लिए कार्यालय बनाने जरूरी हैं, लेकिन पिछली बार की आपदा से सबक लेना भी जरूरी है।