{"_id":"4e71ca60041682b4198a646f0cfc2f3c","slug":"murder-hindi-news-88","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्या के दोषी पति को आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हत्या के दोषी पति को आजीवन कारावास
ब्यूरो/अमर उजाला, मंडी
Updated Wed, 16 Sep 2015 09:54 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विवाहिता पर केरोसिन छिड़क आग लगाकर उसकी हत्या करने के मामले में दोषी पति को अदालत ने कठोर आजीवन कारावास की सजा का फैसला सुनाया है। इसके अलावा दोषी को दो हजार रुपये जुर्माना भी अदा करना होगा। जुर्माना राशि में अदा नहीं करने पर उसे एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। जिला एवं सत्र न्यायाधीश बलदेव सिंह के न्यायालय ने सदर तहसील के दानजोली (बग्गी) निवासी गोपाल सिंह पुत्र चेतराम के खिलाफ भादंसं की धारा 302 के तहत अभियोग साबित होने पर उक्त सजा का फैसला सुनाया है।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष के अनुसार विवाहिता की शादी हिंदू रीति रिवाज के अनुसार दोषी के साथ हुई थी। मृतका के पिता कालू राम और माता शीला देवी के अनुसार आरोपी ने उनकी बेटी को शादी के बाद करीब एक साल तक ठीक बर्ताव किया, लेकिन इसके बाद आरोपी ने शराब के नशे में अपनी विवाहिता के साथ मारपीट शुरू कर दी। हालांकि दोषी को ऐसा नहीं करने के लिए कई बार समझाया गया था, लेकिन उस पर कोई असर नहीं पड़ा।
विज्ञापन
इसी दौरान 12 सितंबर 2012 को आरोपी ने विवाहिता के साथ मारपीट की। इसके बाद आरोपी ने विवाहिता पर केरोसिन छिड़क कर उसे आग के हवाले कर दिया। घटना के बाद विवाहिता को सुंदरनगर अस्पताल ले जाया गया। जहां से उसे आईजीएमसी शिमला रेफर कर दिया गया। जहां पर पीड़िता ने अपने माता-पिता और पुलिस के अन्वेषण अधिकारी को बयान देकर बताया था कि आरोपी ने उसे तेल छिड़क कर आग लगाई है।
विज्ञापन
पुलिस ने विवाहिता के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। विवाहिता की बिगड़ती हालत को देखते हुए उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया था। लेकिन विवाहिता के बचने की कोई उम्मीद नहीं होने परक उसे माता-पिता के घर वापस ले जाया गया। जहां पर कार्यकारी अधिकारी वेद प्रकाश ने भी पीड़िता के बयान दर्ज किए थे। विवाहिता की 22 सितंबर को मृत्यु हो गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करके अदालत में अभियोग चलाया था।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए जिला न्यायवादी आरके कौशल ने 16 गवाहों तथा अन्य दस्तावेजों से आरोपी पर अभियोग साबित किया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों से आरोपी के खिलाफ हत्या का अभियोग संदेह की छाया से दूर साबित हुआ है। जिसके चलते अदालत ने आरोपी को आजीवन कारावास और उक्त जुर्माने की सजा का फैसला सुनाया है।