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150 से भी ज्यादा रोग पशु जन्य : सीएमओ
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जोनल अस्पताल में विश्व पशु जन्य रोग दिवस पर कार्यशाला के दौरान स्टाफ
- फोटो : Mandi
मंडी। क्षेत्रीय अस्पताल मंडी के सभागार में विश्व पशु जन्य रोग दिवस पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेंद्र शर्मा ने की।
उन्होंने कहा कि दुनिया में 150 से भी ज्यादा रोग पशु जन्य रोग हैं। इसमें कोरोना, स्वाइन फ्लू, बर्ड फ्लू, ईवोला, निपाह, गलघोंटू, खून पेशाब से फैलाने वाले रोग, जुएं तथा पिस्सू से होने वाले रोग तथा रेबीज रोग शामिल हैं। मनुष्य का जीवन पशुओं के बिना संभव नहीं है, परंतु दोनों एक-दूसरे के संपर्क में रहने से मनुष्य में रोग के कीटाणु फैलने से अनेकों मामले सामने आते हैं।
मौजूदा सभी बीमारियों में 60 प्रतिशत नई बीमारियां सिर्फ पशुओं से आती हैं। जुनोसिस के रोगजनक बैक्टिरया, वायरस या परजीवी हो सकते हैं, जो या तो सीधे या भोजन से, हवा के माध्यम से या मनुष्य से मनुष्य में, मनुष्य से जानवर में तथा जानवरों से मनुष्य में उनके दूध, मांस, कपड़े, परिवहन या देखभाल या जंगली जानवरों द्वारा पालतु जानवरों के माध्यम से फैल सकता हैं।
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कार्यक्रम में वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. धर्म सिंह वर्मा, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश ठाकुर, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अरिंदम रॉय तथा पशुपालन विभाग के डॉ. दीप कुमार ठाकुर, वन विभाग के अधिकारी, आशा कार्यकर्ता, नर्सिंग प्रशिक्षु तथा स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने भाग लिया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अरिंदम राय ने बताया कि इस दिवस को मनाने का उद्देश्य लोगों को जानवरों से मनुष्य में होने वाली बीमारियों से बचाने तथा उनका उपचार करवाने के लिए सरकार द्वारा चलाए निशुल्क योजनाओं के बारे में जागरूक करना है।
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उन्होंने कहा कि दुनिया में 150 से भी ज्यादा रोग पशु जन्य रोग हैं। इसमें कोरोना, स्वाइन फ्लू, बर्ड फ्लू, ईवोला, निपाह, गलघोंटू, खून पेशाब से फैलाने वाले रोग, जुएं तथा पिस्सू से होने वाले रोग तथा रेबीज रोग शामिल हैं। मनुष्य का जीवन पशुओं के बिना संभव नहीं है, परंतु दोनों एक-दूसरे के संपर्क में रहने से मनुष्य में रोग के कीटाणु फैलने से अनेकों मामले सामने आते हैं।
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मौजूदा सभी बीमारियों में 60 प्रतिशत नई बीमारियां सिर्फ पशुओं से आती हैं। जुनोसिस के रोगजनक बैक्टिरया, वायरस या परजीवी हो सकते हैं, जो या तो सीधे या भोजन से, हवा के माध्यम से या मनुष्य से मनुष्य में, मनुष्य से जानवर में तथा जानवरों से मनुष्य में उनके दूध, मांस, कपड़े, परिवहन या देखभाल या जंगली जानवरों द्वारा पालतु जानवरों के माध्यम से फैल सकता हैं।
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कार्यक्रम में वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. धर्म सिंह वर्मा, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश ठाकुर, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अरिंदम रॉय तथा पशुपालन विभाग के डॉ. दीप कुमार ठाकुर, वन विभाग के अधिकारी, आशा कार्यकर्ता, नर्सिंग प्रशिक्षु तथा स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने भाग लिया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अरिंदम राय ने बताया कि इस दिवस को मनाने का उद्देश्य लोगों को जानवरों से मनुष्य में होने वाली बीमारियों से बचाने तथा उनका उपचार करवाने के लिए सरकार द्वारा चलाए निशुल्क योजनाओं के बारे में जागरूक करना है।