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Mandi News: मिल्क फेडरेशन से पैसा न मिलने से भड़के दुग्ध उत्पादक किसान
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कोटली के भरगांव महिला दुग्ध उत्पादक सहकारी सभा समिति के सदस्य अपनी बात रखते हुए। स्त्रोत जागरू
- फोटो : वायरल हुए वीडियो का स्क्रीनशॉट।
मंडी। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद उपजे विवाद का असर जिले में हिमाचल मिल्क फेडरेशन और दुग्ध उत्पादकों पर भी पड़ा है। मिल्क फेडरेशन चक्कर प्लांट से पाउडर बनाने के लिए दूध कठुआ भेजता है। भारत-पाकिस्तान के बीच हुए विवाद के चलते फेडरेशन की कुछ अदायगी फंस गई है।
इस कारण मिल्क फेडरेशन मई के 25 दिन बीत जाने के बाद भी दुग्ध उत्पादक किसानों को अप्रैल का भुगतान नहीं कर पाई है। इससे दूध उत्पादकों में सरकार के प्रति रोष है। मिल्क फेडरेशन का दावा है कि दुग्ध उत्पादक किसानों को इसी सप्ताह भुगतान कर दिया जाएगा। उधर, दूध के पैसे नहीं मिलने पर कोटली उपमंडल के गांव भरगांव में महिला दुग्ध उत्पादक सहकारी सभा समिति के सदस्यों ने बैठक की।
दुग्ध उत्पादकों का आरोप है कि वे मेहनत कर रोज भरगांव महिला दुग्ध उत्पादक सहकारी सभा समिति के माध्यम से हिमाचल मिल्क फेडरेशन को दूध उपलब्ध करवा रहे हैं। अभी तक दूध के पैसे नहीं मिले हैं। इससे पशुओं के लिए चारा, पशु खाद्य पदार्थ बाजार से लाने मुश्किल हो रहे हैं। कुछ बेरोजगार दुग्ध उत्पादकों का तर्क है कि भुगतान न होने से घर का खर्चा और बच्चों की स्कूल फीस चुकानी मुश्किल हो रही है।
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उन्होंने कहा कि अगर सरकार और मिल्क फेडरेशन का यही रवैया रहा तो भविष्य में दुग्ध उत्पादक मिल्क फेडरेशन को दूध बेचना बंद कर देंगे। प्राइवेट सेक्टर में उन्हें समय पर पैसे मिल जाएंगे और दूध के दाम भी अच्छे मिलेंगे। दुग्ध उत्पादकों ने एक बार फिर से सरकार और हिमाचल मिल्क फेडरेशन से आग्रह किया है कि उन्हें दूध का पैसा हर माह की पांच तारीख तक दे दिया जाए।
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जम्मू-कश्मीर में हुए विवाद के बाद कुछ अदायगी फंस गई है। इसकी वजह से देरी हो रही है। इसी सप्ताह सभी दुग्ध उत्पादक किसानों को अप्रैल का भुगतान कर दिया जाएगा। पहले 15 तारीख तक कर दिया जाता रहा है लेकिन इस बार थोड़ी परेशानी आई है।
-बुद्धि सिंह ठाकुर, चेयरमैन, एचपी मिल्क फेडरेशन हिमाचल प्रदेश
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इस कारण मिल्क फेडरेशन मई के 25 दिन बीत जाने के बाद भी दुग्ध उत्पादक किसानों को अप्रैल का भुगतान नहीं कर पाई है। इससे दूध उत्पादकों में सरकार के प्रति रोष है। मिल्क फेडरेशन का दावा है कि दुग्ध उत्पादक किसानों को इसी सप्ताह भुगतान कर दिया जाएगा। उधर, दूध के पैसे नहीं मिलने पर कोटली उपमंडल के गांव भरगांव में महिला दुग्ध उत्पादक सहकारी सभा समिति के सदस्यों ने बैठक की।
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दुग्ध उत्पादकों का आरोप है कि वे मेहनत कर रोज भरगांव महिला दुग्ध उत्पादक सहकारी सभा समिति के माध्यम से हिमाचल मिल्क फेडरेशन को दूध उपलब्ध करवा रहे हैं। अभी तक दूध के पैसे नहीं मिले हैं। इससे पशुओं के लिए चारा, पशु खाद्य पदार्थ बाजार से लाने मुश्किल हो रहे हैं। कुछ बेरोजगार दुग्ध उत्पादकों का तर्क है कि भुगतान न होने से घर का खर्चा और बच्चों की स्कूल फीस चुकानी मुश्किल हो रही है।
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उन्होंने कहा कि अगर सरकार और मिल्क फेडरेशन का यही रवैया रहा तो भविष्य में दुग्ध उत्पादक मिल्क फेडरेशन को दूध बेचना बंद कर देंगे। प्राइवेट सेक्टर में उन्हें समय पर पैसे मिल जाएंगे और दूध के दाम भी अच्छे मिलेंगे। दुग्ध उत्पादकों ने एक बार फिर से सरकार और हिमाचल मिल्क फेडरेशन से आग्रह किया है कि उन्हें दूध का पैसा हर माह की पांच तारीख तक दे दिया जाए।
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जम्मू-कश्मीर में हुए विवाद के बाद कुछ अदायगी फंस गई है। इसकी वजह से देरी हो रही है। इसी सप्ताह सभी दुग्ध उत्पादक किसानों को अप्रैल का भुगतान कर दिया जाएगा। पहले 15 तारीख तक कर दिया जाता रहा है लेकिन इस बार थोड़ी परेशानी आई है।
-बुद्धि सिंह ठाकुर, चेयरमैन, एचपी मिल्क फेडरेशन हिमाचल प्रदेश