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मुरारी देवी मंदिर के सरकारीकरण का विरोध

Mon, 07 Dec 2015 10:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मंडी, सुंदरनगर
ब्यूरो/अमर उजाला, मंडी, सुंदरनगर Updated Mon, 07 Dec 2015 10:47 PM IST
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mandir committy meeting

माता मुरारी देवी मंदिर के अधिवेशन मे मंदिर के सरकारीकरण के फैसले का

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सदस्यों ने एकजुट होकर विरोध किया। सदस्यों ने चेताया कि यदि सरकार श्री माता मुरारी देवी मंदिर का सरकारीकरण करने का निर्णय लेती है तो उपरोक्त निर्णय के विरोध में आत्मदाह करने से भी पीछे नहीं हटेगे तथा यह आंदोलन एक विराट रूप में परिवर्तित होकर सरकार का घेराव करेगी जिसकी सरकार जिम्मेवार होगी।

माता मुरारी देवी परिसर में प्रधान बृजलाल की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। प्रधान बृजलाल ने अधिवेशन में समस्त उपस्थित सदस्यों का स्वागत किया। समिति के महासचिव रमेश शर्मा को माता मुरारी देवी सेवा समिति ने माता मुरारी देवी मंदिर व परिसर में करवाए गए विकासात्मक कार्यों व आय-व्यय का ब्योरा दिया। जिसे अधिवेशन में सर्व सहमति से पारित और पास कर दिया।

बैठक में सदस्यों ने मंदिर के सरकारीकरण के सरकार के निर्णय के खिलाफ आपत्ति जताई तथा सभी सदस्यों ने कहा कि किसी भी प्रकार से मंदिर का सरकारीकरण करने के हक में नहीं हैं तथा अगर सरकारी ने इस प्रकार का निर्णय लिया गया तो बहुत बड़ा संघर्ष व आंदोलन किया जाएगा। उपस्थित सदस्यों ने मंदिर के सरकारीकरण करने के विरोध में एक संघर्ष समिति का गठन किया। मंदिर के सरकारीकरण का विरोध विभिन्न स्तरों पर करेगी।

संघर्ष समिति का गठन सर्व सहमति से किया गया जिसमें भूपेंद्र सिंह सेन सुंदरनगर को अध्यक्ष, भूपेंद्र महाजन रती (बल्ह) मंडी को महासचिव व सर्व घनश्याम महाजन भोजपुर, अशोक गुप्ता मंडी, जगदीश चंद भटेड़ा (सरकाघाट) प्रताप सिंह सिकंदराधार सरकाघाट, नंदलाल भटेड़ा सरकाघाट, कृष्ण लाल वर्मा लेदा बृजलाल घांघणू परस राम धार (हल्यातर), अमर सिंह बनौण कपाही, धनी राम देरडू कपाही रोशन लाल त्रिफालघाट, जीत राम नवाणी ब्रेस्तु राम माहला घांघण को सदस्य चयनित किया गया।

संघर्ष समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह सेन और समस्त सदस्यों ने ध्वनिमत से अधिवेशन में कहा कि यदि सरकार श्री माता मुरारी देवी मंदिर का सरकारीकरण करने का निर्णय लेती है तो उपरोक्त निर्णय के विरोध में आत्मदाह करने से भी पीछे नहीं हटेेंगे तथा यह आंदोलन एक विराट रूप में परिवर्तित होकर सरकार का घेराव करेगी जिसकी सरकार जिम्मेवार होगी।

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