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Mandi News: झीड़ी फ्लाईओवर को लेकर फिर गरमाया विवाद
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जनता ने प्रशासन के समक्ष दर्ज करवाईं आपत्तियां
डेढ़ किलोमीटर फ्लाईओवर से कारोबार और आवाजाही प्रभावित होने की आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
नगवाईं (मंडी)। मंडी-मनाली फोरलेन पर झीड़ी में प्रस्तावित फ्लाईओवर को लेकर विवाद फिर गरमा गया है। स्थानीय प्रभावितों के विरोध के बाद मंगलवार को तहसीलदार और नायब तहसीलदार औट मौके पर पहुंचे और लोगों की आपत्तियां दर्ज कीं।
कुछ दिन पहले प्रभावितों ने निर्माण कार्य रुकवा दिया था। इसके बाद एसडीएम बालीचौकी ने अधिकारियों को मौके पर जाकर काम शुरू करवाने के निर्देश दिए थे। ग्रामीणों ने प्रशासनिक टीम के समक्ष फ्लाईओवर से होने वाली परेशानियां गिनाईं।
ग्रामीणों कर्मवीर सिंह पठानिया, विवेक, मनोज, नीमे राम, दुष्यंत ठाकुर, अनुज शर्मा और कन्हैया आदि ने कहा कि भूमि अधिग्रहण से कारोबार पहले ही प्रभावित हुए हैं। लोगों ने कर्ज लेकर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, दुकानें और पर्यटन कारोबार दोबारा शुरू किए हैं।
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ग्रामीणों के अनुसार करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर से जमीन, पंचायत, सामुदायिक भवन, संस्थानों, कार्यालयों, बस ठहराव, जलस्रोत, नदी, वन क्षेत्र और श्मशानघाट तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ेगा। इससे स्थानीय आवाजाही और रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग, होटल, होम स्टे, रेस्टोरेंट, ढाबे व टैक्सी कारोबार प्रभावित हो सकते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थानीय हितों को ध्यान में रखकर समाधान निकालने की मांग की है।
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डेढ़ किलोमीटर फ्लाईओवर से कारोबार और आवाजाही प्रभावित होने की आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
नगवाईं (मंडी)। मंडी-मनाली फोरलेन पर झीड़ी में प्रस्तावित फ्लाईओवर को लेकर विवाद फिर गरमा गया है। स्थानीय प्रभावितों के विरोध के बाद मंगलवार को तहसीलदार और नायब तहसीलदार औट मौके पर पहुंचे और लोगों की आपत्तियां दर्ज कीं।
कुछ दिन पहले प्रभावितों ने निर्माण कार्य रुकवा दिया था। इसके बाद एसडीएम बालीचौकी ने अधिकारियों को मौके पर जाकर काम शुरू करवाने के निर्देश दिए थे। ग्रामीणों ने प्रशासनिक टीम के समक्ष फ्लाईओवर से होने वाली परेशानियां गिनाईं।
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ग्रामीणों कर्मवीर सिंह पठानिया, विवेक, मनोज, नीमे राम, दुष्यंत ठाकुर, अनुज शर्मा और कन्हैया आदि ने कहा कि भूमि अधिग्रहण से कारोबार पहले ही प्रभावित हुए हैं। लोगों ने कर्ज लेकर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, दुकानें और पर्यटन कारोबार दोबारा शुरू किए हैं।
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ग्रामीणों के अनुसार करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर से जमीन, पंचायत, सामुदायिक भवन, संस्थानों, कार्यालयों, बस ठहराव, जलस्रोत, नदी, वन क्षेत्र और श्मशानघाट तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ेगा। इससे स्थानीय आवाजाही और रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग, होटल, होम स्टे, रेस्टोरेंट, ढाबे व टैक्सी कारोबार प्रभावित हो सकते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थानीय हितों को ध्यान में रखकर समाधान निकालने की मांग की है।