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कोई स्कूटर तो कोई टैक्सी में पहुंचा परीक्षा केंद्र
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जोगिंद्रनगर के राजीव गांधी राजकीय महाविद्यालय में परीक्षा के लिए पहुंचे अभ्यार्थी।
- फोटो : Mandi
जोगिंद्रनगर (मंडी)। हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग की ओर से ली गई लिपिक परीक्षा में अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। रविवार को बसें मुख्यमंत्री के कार्यक्रम सरकाघाट और करसोग के लिए चली गई थीं।
ग्रामीण क्षेत्रों के रूटों में सरकारी बसें न चलने से परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र पहुंचने और घर जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सरकाघाट से कुछ परीक्षार्थी निजी बसों या फिर कोई स्कूटर पर लिफ्ट मांगकर तो कोई टैक्सी में महंगा सफर करने को मजबूर हुए।
धर्मपुर और सरकाघाट के अभ्यर्थियों को जोगिंद्रनगर में परीक्षा देने के लिए पहुंचना चुनौती बना रहा। सुंदरनगर से पहुंचे परीक्षार्थियों राजेंद्र, अजय, रोहित ने बताया कि जब बस नहीं मिली तो उन्हें निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। एक अभ्यर्थी ने बताया कि उसने स्कूटर पर लिफ्ट ली।
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धर्मपुर के सुनील कुमार ने कहा कि जोगिंद्रनगर में परीक्षा देने के लिए उसे निजी टैक्सी चालक को किराया चुकाना पड़ा। सुबह 11 बजे परीक्षा शुरू होनी थी, इसके लिए परीक्षार्थियों को 10:30 बजे परीक्षा केंद्र में पहुंचना अनिवार्य किया था। दुर्गम क्षेत्र के परीक्षार्थी समय पर नहीं पहुंच पाए।
हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक संदीप ने बताया कि सरकार की मांग पर राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए बसें दी जाती हैं। संबंधित आरएम को आदेश दिए जाते हैं कि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रबंध किए जाएं। संवाद
...
जोगिंद्रनगर के इन केंद्रों में हुई परीक्षा
शहर के 11 परीक्षा केंद्रों में 3,500 अभ्यर्थियों के लिए पुख्ता प्रबंध किए थे। परीक्षा केंद्र राजीव गांधी राजकीय महाविद्यालय के परीक्षा केंद्र एक और दो में 700, आदर्श कन्या पाठशाला जोगिंद्रनगर में 300, बाल पाठशाला में 250 से अधिक परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। इसके अलावा राजकीय पाठशाला हराबाग, डोहग आईटीआई जोगिंद्रनगर के अलावा निजी स्कूल न्यू क्रिसेंट, माउंट मोर्या और दयानंद भारतीय पब्लिक स्कूल में भी लिपिक की परीक्षा हुई।
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ग्रामीण क्षेत्रों के रूटों में सरकारी बसें न चलने से परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र पहुंचने और घर जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सरकाघाट से कुछ परीक्षार्थी निजी बसों या फिर कोई स्कूटर पर लिफ्ट मांगकर तो कोई टैक्सी में महंगा सफर करने को मजबूर हुए।
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धर्मपुर और सरकाघाट के अभ्यर्थियों को जोगिंद्रनगर में परीक्षा देने के लिए पहुंचना चुनौती बना रहा। सुंदरनगर से पहुंचे परीक्षार्थियों राजेंद्र, अजय, रोहित ने बताया कि जब बस नहीं मिली तो उन्हें निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। एक अभ्यर्थी ने बताया कि उसने स्कूटर पर लिफ्ट ली।
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धर्मपुर के सुनील कुमार ने कहा कि जोगिंद्रनगर में परीक्षा देने के लिए उसे निजी टैक्सी चालक को किराया चुकाना पड़ा। सुबह 11 बजे परीक्षा शुरू होनी थी, इसके लिए परीक्षार्थियों को 10:30 बजे परीक्षा केंद्र में पहुंचना अनिवार्य किया था। दुर्गम क्षेत्र के परीक्षार्थी समय पर नहीं पहुंच पाए।
हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक संदीप ने बताया कि सरकार की मांग पर राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए बसें दी जाती हैं। संबंधित आरएम को आदेश दिए जाते हैं कि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रबंध किए जाएं। संवाद
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जोगिंद्रनगर के इन केंद्रों में हुई परीक्षा
शहर के 11 परीक्षा केंद्रों में 3,500 अभ्यर्थियों के लिए पुख्ता प्रबंध किए थे। परीक्षा केंद्र राजीव गांधी राजकीय महाविद्यालय के परीक्षा केंद्र एक और दो में 700, आदर्श कन्या पाठशाला जोगिंद्रनगर में 300, बाल पाठशाला में 250 से अधिक परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। इसके अलावा राजकीय पाठशाला हराबाग, डोहग आईटीआई जोगिंद्रनगर के अलावा निजी स्कूल न्यू क्रिसेंट, माउंट मोर्या और दयानंद भारतीय पब्लिक स्कूल में भी लिपिक की परीक्षा हुई।