{"_id":"6307af823b34a0095241734c","slug":"mandi-news-himachal-news-need-to-open-another-college-in-chhoti-kashi-prof-anupama-mandi-news-sml4195134178","type":"story","status":"publish","title_hn":"छोटी काशी में एक और कॉलेज खोलने की जरूरत : प्रो. अनुपमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छोटी काशी में एक और कॉलेज खोलने की जरूरत : प्रो. अनुपमा
विज्ञापन
वल्लभ कॉलेज मंडी में प्रेस वार्ता करतीं एसपीयू की प्रो वाइस चांसलर प्रो अनुपमा।
- फोटो : Mandi
मंडी। छोटी काशी में एक और राजकीय महाविद्यालय की जरूरत है। शहर के वल्लभ कॉलेज में इस बार 7,000 से अधिक विद्यार्थी हो गए हैं। इतनी अधिक संख्या होने से कॉलेज में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
यह बात एसपीयू की प्रो वाइस चांसलर अनुपमा ने प्रेसवार्ता में कही। उन्होंने कहा कि कॉलेज की मांग को लेकर जल्द ही हस्ताक्षर अभियान शुरू किया जाएगा। इसमें अभिभावकों और मंडी नगर की संस्थाओं को भी जोड़ा जाएगा। जिस तरह से एचपीयू के साथ शिमला में करीब छह डिग्री कॉलेज हैं, उसी तरह मंडी में भी एक और कॉलेज होना चाहिए।
वल्लभ कॉलेज में इतनी क्षमता नहीं कि हर साल बढ़ रही विद्यार्थियों की संख्या को हर सुविधा के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा सके।
उन्होंने कहा कि हर साल इस कॉलेज में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ रही है। पिछले साल 6,500 थी और इस बार 7,000 से भी बढ़ गई है। वल्लभ कॉलेज में एक कक्षा में 200 से अधिक विद्यार्थियों को पढ़ाना शिक्षकों के लिए कठिन हो रहा है।
विज्ञापन
...
इन स्थानों पर बनाया जा सकता है कॉलेज
प्रो वाइस चांसलर प्रो. अनुपमा ने कहा कि मंडी शहर के साथ लगते स्थानों मझवाड़, बिजनी, बैहना, पैड़ी में कॉलेज बनाने के लिए काफी जमीन है। सरकार से इन स्थानों पर कॉलेज के निर्माण का प्रस्ताव भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही यहां पर गर्ल कॉलेज की भी मांग की जाएगी।
विज्ञापन
यह बात एसपीयू की प्रो वाइस चांसलर अनुपमा ने प्रेसवार्ता में कही। उन्होंने कहा कि कॉलेज की मांग को लेकर जल्द ही हस्ताक्षर अभियान शुरू किया जाएगा। इसमें अभिभावकों और मंडी नगर की संस्थाओं को भी जोड़ा जाएगा। जिस तरह से एचपीयू के साथ शिमला में करीब छह डिग्री कॉलेज हैं, उसी तरह मंडी में भी एक और कॉलेज होना चाहिए।
विज्ञापन
वल्लभ कॉलेज में इतनी क्षमता नहीं कि हर साल बढ़ रही विद्यार्थियों की संख्या को हर सुविधा के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा सके।
उन्होंने कहा कि हर साल इस कॉलेज में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ रही है। पिछले साल 6,500 थी और इस बार 7,000 से भी बढ़ गई है। वल्लभ कॉलेज में एक कक्षा में 200 से अधिक विद्यार्थियों को पढ़ाना शिक्षकों के लिए कठिन हो रहा है।
विज्ञापन
...
इन स्थानों पर बनाया जा सकता है कॉलेज
प्रो वाइस चांसलर प्रो. अनुपमा ने कहा कि मंडी शहर के साथ लगते स्थानों मझवाड़, बिजनी, बैहना, पैड़ी में कॉलेज बनाने के लिए काफी जमीन है। सरकार से इन स्थानों पर कॉलेज के निर्माण का प्रस्ताव भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही यहां पर गर्ल कॉलेज की भी मांग की जाएगी।