{"_id":"62acb1b42ff0507500289984","slug":"mandi-news-himachal-news-education-student-practical-education-mandi-mandi-news-sml4124632147","type":"story","status":"publish","title_hn":"विद्यार्थियों को व्यावहारिक शिक्षा देने पर दिया बल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विद्यार्थियों को व्यावहारिक शिक्षा देने पर दिया बल
विज्ञापन
मंडी डाइट में जिला स्तरीय मासिक समीक्षा बैठक में भाग लेते विभिन्न स्कूलों के शिक्षक।
- फोटो : Mandi
मंडी। जिले के स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में अब व्यावहारिक शिक्षा पर अधिक बल दिया जाएगा। कोरोना काल के चलते ऐसा नहीं हो पाया था। इस कारण पढ़ाई में बच्चों का स्तर भी कम हुआ। व्यावहारिक शिक्षा पर जोर देने का निर्णय मंडी में आयोजित जिला स्तरीय मासिक समीक्षा बैठक में किया।
सभी शिक्षा खंड अधिकारियों को कहा कि वे विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान भी प्रदान करने की व्यवस्था करें। विद्यार्थी जो पढ़े उसे अमल में लाने की प्रक्रिया को भी विद्यार्थियों को सिखाया जाना बहुत जरूरी है।
शिक्षकों का आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ावा देने के लिए उन्हें विशेष तरीके से समझाएं ताकि वे शिक्षा को व्यवहार में लाना सीख सकें। इसके साथ ही सभी शिक्षा खंड अधिकारियों, बीईओ, डाइट स्टाफ, प्रधानाचार्यों, बीआरसी और शिक्षकों से नई शिक्षा नीति को बेहतर तरीके से लागू करने के लिए सुझाव मांगे। इस पर बहुत से सुझाव मिले जिन पर विशेष तौर पर विचार करके यह सुनिश्चित किया जाएगा कि क्या वे शिक्षा की गुणवत्ता के लिए सही होंगे या उनमें कमियां रहेंगी।
विज्ञापन
इन सुझावों को परखा जाएगा और बेहतर सुझावों को अमल में भी लाया जाएगा। इसके अलावा पिछले माह की विभिन्न योजनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया और जल्द सभी योजनाओं को पूरा करने के आदेश पारित किए गए। बैठक में डाइट के प्रधानाचार्य बलवीर भारद्वाज, प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक अमरनाथ राणा और उच्च शिक्षा उपनिदेशक सुदेश कुमार के अलावा सभी शिक्षा खंड अधिकारी, बीईओ, बीआरसी, डाइट स्टाफ मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन
सभी शिक्षा खंड अधिकारियों को कहा कि वे विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान भी प्रदान करने की व्यवस्था करें। विद्यार्थी जो पढ़े उसे अमल में लाने की प्रक्रिया को भी विद्यार्थियों को सिखाया जाना बहुत जरूरी है।
विज्ञापन
शिक्षकों का आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ावा देने के लिए उन्हें विशेष तरीके से समझाएं ताकि वे शिक्षा को व्यवहार में लाना सीख सकें। इसके साथ ही सभी शिक्षा खंड अधिकारियों, बीईओ, डाइट स्टाफ, प्रधानाचार्यों, बीआरसी और शिक्षकों से नई शिक्षा नीति को बेहतर तरीके से लागू करने के लिए सुझाव मांगे। इस पर बहुत से सुझाव मिले जिन पर विशेष तौर पर विचार करके यह सुनिश्चित किया जाएगा कि क्या वे शिक्षा की गुणवत्ता के लिए सही होंगे या उनमें कमियां रहेंगी।
विज्ञापन
इन सुझावों को परखा जाएगा और बेहतर सुझावों को अमल में भी लाया जाएगा। इसके अलावा पिछले माह की विभिन्न योजनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया और जल्द सभी योजनाओं को पूरा करने के आदेश पारित किए गए। बैठक में डाइट के प्रधानाचार्य बलवीर भारद्वाज, प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक अमरनाथ राणा और उच्च शिक्षा उपनिदेशक सुदेश कुमार के अलावा सभी शिक्षा खंड अधिकारी, बीईओ, बीआरसी, डाइट स्टाफ मौजूद रहे। संवाद