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चेक बाउंस के दोषी की सजा बरकरार
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मंडी। चेक बाउंस के मामले में अपीलीय अदालत ने अधीनस्थ न्यायालय की सजा को बरकरार रख दोषी की अपील को निरस्त करने का फैसला सुनाया है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुंदरनगर अनुजा सूद की अपीलीय अदालत ने सुंदरनगर तहसील के लोअर बैहली निवासी हेम चंद की अपील को खारिज कर दिया है। अधीनस्थ न्यायालय ने दोषी को एक साल का साधारण कारावास और 4.50 लाख रुपये हर्जाना देने का फैसला सुनाया है।
हिमाचल ग्रामीण बैंक का कहना था कि हेम चंद ने अपनी विधिक देनदारी को चुकाने के लिए बैंक को 3.50 लाख का चेक जारी किया था। यह चेक बाउंस हो गया। इस पर शिकायतकर्ता बैंक ने हेम चंद को कानूनी नोटिस दिया था।
बावजूद राशि अदा न करने पर उन्होंने अदालत में शिकायत दायर की थी। अधीनस्थ न्यायालय ने शिकायतकर्ता की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर चेक बाउंस का अपराध साबित होने पर दोषी को उक्त सजा का फैसला सुनाया था।
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दोषी ने अधीनस्थ न्यायालय के फैसले को अपीलीय न्यायालय में चुनौती दी थी। अपीलीय अदालत ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अधीनस्थ न्यायालय के निर्णय सही मानते हुए दोषी को उक्त सजा और हर्जाना अदा करने का फैसला बरकरार रखते हुए उसकी अपील को निरस्त करने का फैसला सुनाया है। संवाद
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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुंदरनगर अनुजा सूद की अपीलीय अदालत ने सुंदरनगर तहसील के लोअर बैहली निवासी हेम चंद की अपील को खारिज कर दिया है। अधीनस्थ न्यायालय ने दोषी को एक साल का साधारण कारावास और 4.50 लाख रुपये हर्जाना देने का फैसला सुनाया है।
हिमाचल ग्रामीण बैंक का कहना था कि हेम चंद ने अपनी विधिक देनदारी को चुकाने के लिए बैंक को 3.50 लाख का चेक जारी किया था। यह चेक बाउंस हो गया। इस पर शिकायतकर्ता बैंक ने हेम चंद को कानूनी नोटिस दिया था।
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बावजूद राशि अदा न करने पर उन्होंने अदालत में शिकायत दायर की थी। अधीनस्थ न्यायालय ने शिकायतकर्ता की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर चेक बाउंस का अपराध साबित होने पर दोषी को उक्त सजा का फैसला सुनाया था।
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दोषी ने अधीनस्थ न्यायालय के फैसले को अपीलीय न्यायालय में चुनौती दी थी। अपीलीय अदालत ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अधीनस्थ न्यायालय के निर्णय सही मानते हुए दोषी को उक्त सजा और हर्जाना अदा करने का फैसला बरकरार रखते हुए उसकी अपील को निरस्त करने का फैसला सुनाया है। संवाद