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अफीम की खेती के मामले में आरोपी बरी
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मंडी। अफीम की खेती का अभियोग साबित न होने पर अदालत ने एक आरोपी को बरी करने का फैसला सुनाया है। जिला के विशेष न्यायालय ने औट तहसील के काशणा निवासी गुलाब सिंह के खिलाफ अभियोग साबित न होने पर उसे बरी कर दिया है।
औट पुलिस दल को 6 मई 2018 को खेतों में अफीम के पौधे दिखे। जांच करने पर खेत का खसरा नंबर 212 पाया गया। इसके मालिक गुलाब सिंह हैं। मामला दर्ज कर उसे हिरासत में लिया था। आरोपी का कहना था कि यह खसरा नंबर उनके मकान के पास स्थित है लेकिन वह इनके कब्जे में नहीं है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि कानूनगो तथा पटवारी ने माना है कि अफीम की खेती वाली जमीन की पहचान के लिए उन्होंने निशानदेही नहीं की थी।
अदालत ने कहा कि मामले में खेती की भूमि की पहचान के बारे में संतोषजनक सबूत प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से खसरा नंबर 212 की भूमि पर आरोपी की ओर से अफीम के पौधों की खेती का अभियोग संदेह की छाया से दूर साबित नहीं हुआ है। इसके चलते अदालत ने आरोपी को बरी करने का फैसला सुनाया है। संवाद
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औट पुलिस दल को 6 मई 2018 को खेतों में अफीम के पौधे दिखे। जांच करने पर खेत का खसरा नंबर 212 पाया गया। इसके मालिक गुलाब सिंह हैं। मामला दर्ज कर उसे हिरासत में लिया था। आरोपी का कहना था कि यह खसरा नंबर उनके मकान के पास स्थित है लेकिन वह इनके कब्जे में नहीं है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि कानूनगो तथा पटवारी ने माना है कि अफीम की खेती वाली जमीन की पहचान के लिए उन्होंने निशानदेही नहीं की थी।
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अदालत ने कहा कि मामले में खेती की भूमि की पहचान के बारे में संतोषजनक सबूत प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से खसरा नंबर 212 की भूमि पर आरोपी की ओर से अफीम के पौधों की खेती का अभियोग संदेह की छाया से दूर साबित नहीं हुआ है। इसके चलते अदालत ने आरोपी को बरी करने का फैसला सुनाया है। संवाद
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