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Mandi News: मंडी साक्षरता समिति को प्रदेश में मिला प्रथम स्थान
Thu, 16 Jan 2025 06:54 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 16 Jan 2025 06:54 PM IST
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समिति ने वित्तीय साक्षरता परियोजना के क्रियान्वयन में किया बेहतर काम
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। जमीनी स्तर पर लोगों के बीच कार्य करने वाली स्वयंसेवी संस्था मंडी साक्षरता एवं जन विकास समिति ने एक बार फिर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्तीय समावेशन कार्यक्रम 2019 से 2024 के तहत पूरे देश में हर ब्लॉक स्तर पर वित्तीय साक्षरता केंद्र सीएफएल सेंटर स्थापित करने की योजना चलाई है। इसमें मंडी साक्षरता एवं जन विकास समिति शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर प्रदेश में अव्वल रही है।
प्रदेश में भी विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से यह योजना चलाई जा रही है। मंडी साक्षरता एवं जन विकास समिति को मंडी, हमीरपुर और कुल्लू जिलों का कार्य सौंपा गया है, जबकि शेष हिमाचल का कार्य तीन अन्य संस्थाओं को दिया गया है। इसमें मंडी साक्षरता समिति की ओर से वित्तीय साक्षरता केंद्र परियोजना के माध्यम से अब तक 2,63,358 लोगों तक पहुंच बनाई है। इसमें से 8126 लोगों के बचत खाते खोले गए और 1410 बंद बैंक खाते चालू किए, 54714 लोगों को सामाजिक सुरक्षा, 1599 लोगों को लोन, 1638 लोगों को पेंशन, 5667 लोगों के एटीएम, 1463 लोगों को अन्य सरकारी स्कीमों में, 41465 लोगों को डिजिटल लेनदेन के साथ जोड़ने का कार्य किया है।
मंडी साक्षरता एवं जन विकास समिति के महासचिव भीम सिंह ने बताया कि पहली जनवरी 2023 से 31 दिसंबर 2024 तक समिति की ओर से परियोजना का 77 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है। भारतीय रिजर्व बैंक शिमला की ओर से 13 जनवरी को की गई समीक्षा बैठक में परियोजना के कार्य को बेहतर तरीके से क्रियान्वित करने के लिए समिति को प्रथम स्थान दिया गया हैं। कहा कि दिसंबर 2025 तक 350000 लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया हैं और अधिक से अधिक लोगों को उपरोक्त योजनाओं से जोड़ा जाएगा। इस परियोजना के तहत तीन खंडों का केंद्र सीएफएल सेंटर होगा। इस आधार पर मंडी में मंडी सदर, बल्ह, गोहर, गोपालपुर और चुराग, जिला कुल्लू में नग्गर और आनी, जिला हमीरपुर में हमीरपुर और भोरंज में कुल 9 वित्तीय साक्षरता केंद्र स्थापित किए गए हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। जमीनी स्तर पर लोगों के बीच कार्य करने वाली स्वयंसेवी संस्था मंडी साक्षरता एवं जन विकास समिति ने एक बार फिर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्तीय समावेशन कार्यक्रम 2019 से 2024 के तहत पूरे देश में हर ब्लॉक स्तर पर वित्तीय साक्षरता केंद्र सीएफएल सेंटर स्थापित करने की योजना चलाई है। इसमें मंडी साक्षरता एवं जन विकास समिति शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर प्रदेश में अव्वल रही है।
प्रदेश में भी विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से यह योजना चलाई जा रही है। मंडी साक्षरता एवं जन विकास समिति को मंडी, हमीरपुर और कुल्लू जिलों का कार्य सौंपा गया है, जबकि शेष हिमाचल का कार्य तीन अन्य संस्थाओं को दिया गया है। इसमें मंडी साक्षरता समिति की ओर से वित्तीय साक्षरता केंद्र परियोजना के माध्यम से अब तक 2,63,358 लोगों तक पहुंच बनाई है। इसमें से 8126 लोगों के बचत खाते खोले गए और 1410 बंद बैंक खाते चालू किए, 54714 लोगों को सामाजिक सुरक्षा, 1599 लोगों को लोन, 1638 लोगों को पेंशन, 5667 लोगों के एटीएम, 1463 लोगों को अन्य सरकारी स्कीमों में, 41465 लोगों को डिजिटल लेनदेन के साथ जोड़ने का कार्य किया है।
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मंडी साक्षरता एवं जन विकास समिति के महासचिव भीम सिंह ने बताया कि पहली जनवरी 2023 से 31 दिसंबर 2024 तक समिति की ओर से परियोजना का 77 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है। भारतीय रिजर्व बैंक शिमला की ओर से 13 जनवरी को की गई समीक्षा बैठक में परियोजना के कार्य को बेहतर तरीके से क्रियान्वित करने के लिए समिति को प्रथम स्थान दिया गया हैं। कहा कि दिसंबर 2025 तक 350000 लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया हैं और अधिक से अधिक लोगों को उपरोक्त योजनाओं से जोड़ा जाएगा। इस परियोजना के तहत तीन खंडों का केंद्र सीएफएल सेंटर होगा। इस आधार पर मंडी में मंडी सदर, बल्ह, गोहर, गोपालपुर और चुराग, जिला कुल्लू में नग्गर और आनी, जिला हमीरपुर में हमीरपुर और भोरंज में कुल 9 वित्तीय साक्षरता केंद्र स्थापित किए गए हैं।
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