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Mandi News: महाशिवरात्रि के लिए 110 किमी की दूरी पैदल तय करेंगे मगरू महादेव
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छतरी से सूक्ष्म रूप में रवाना होते मगरू महादेव।
थुनाग (मंडी)। मंडी जनपद के आराध्य मगरू महादेव अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव की शोभा बढ़ाने के लिए शनिवार को अपनी मूल कोठी छतरी से हारियानों के साथ रवाना हो गए हैं। देव मगरू भगवान शिव के अवतार माने जाते हैं। देवता के मुख्य कारदार कश्मीर सिंह ने बताया कि 110 किलोमीटर पैदल दूरी तय कर महादेव अपने देवलुओं और कारकूनों के साथ शनिवार को बायला जंजैहली, 23 फरवरी को बगस्याड़, 24 को मोवीसेरी, 25 शाम को बैहना और बैहना से 26 फरवरी को महाशिवरात्रि महोत्सव मंडी पहुंचेंगे।
इस बार मगरू महादेव सूक्ष्म रूप छतरी से बल्ह के बैहना तक आएंगे। बैहना से अपने रथ का रूप धारण कर मंडी पहुंचेंगे। रियासत काल में मगरू महादेव का रुतबा राजदेवता माधोराय के समान था। महाशिवरात्रि पर राज देवता माधोराय के साथ मगरू महादेव का चित्र भी चस्पां होता था। कश्मीर सिंह ने बताया कि पूर्व में राजशाही समाप्त होने के बाद मगरू महादेव ने 50 साल तक महाशिवरात्रि महोत्सव में शिरकत नहीं की। प्रशासन और सर्व देवता समिति के आग्रह पर देव मगरू महादेव महाशिवरात्रि में शिरकत करने पहुंचे थे।
फराज हार के साथ निकले चपलांदू नाग
मगरू मानगढ़ क्षेत्र के दूसरे देवता चपलांदू नाग भी सूक्ष्म रूप में शनिवार को मंडी महाशिवरात्रि के लिए फराज हार के साथ निकल पड़े हैं। कारदार सूरत राम ने बताया कि देवता शनिवार को भलवाड़, 23 को बगस्याड़, 24 को मोवीसेरी और 25 शाम को बल्ह के बैहना गांव पहुंचेंगे। बैहना से मगरू महादेव के साथ मंडी महाशिवरात्रि के लिए रवाना होंगे।
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इस बार मगरू महादेव सूक्ष्म रूप छतरी से बल्ह के बैहना तक आएंगे। बैहना से अपने रथ का रूप धारण कर मंडी पहुंचेंगे। रियासत काल में मगरू महादेव का रुतबा राजदेवता माधोराय के समान था। महाशिवरात्रि पर राज देवता माधोराय के साथ मगरू महादेव का चित्र भी चस्पां होता था। कश्मीर सिंह ने बताया कि पूर्व में राजशाही समाप्त होने के बाद मगरू महादेव ने 50 साल तक महाशिवरात्रि महोत्सव में शिरकत नहीं की। प्रशासन और सर्व देवता समिति के आग्रह पर देव मगरू महादेव महाशिवरात्रि में शिरकत करने पहुंचे थे।
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फराज हार के साथ निकले चपलांदू नाग
मगरू मानगढ़ क्षेत्र के दूसरे देवता चपलांदू नाग भी सूक्ष्म रूप में शनिवार को मंडी महाशिवरात्रि के लिए फराज हार के साथ निकल पड़े हैं। कारदार सूरत राम ने बताया कि देवता शनिवार को भलवाड़, 23 को बगस्याड़, 24 को मोवीसेरी और 25 शाम को बल्ह के बैहना गांव पहुंचेंगे। बैहना से मगरू महादेव के साथ मंडी महाशिवरात्रि के लिए रवाना होंगे।
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