{"_id":"696294352ac8d04b780a743f","slug":"made-sewing-a-self-employment-earning-30-thousand-rupees-every-month-mandi-news-c-90-1-ssml1045-182116-2026-01-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: सिलाई को बनाया स्वरोजगार, हर महीने हो रही 30 हजार की आमदनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: सिलाई को बनाया स्वरोजगार, हर महीने हो रही 30 हजार की आमदनी
विज्ञापन
सुंदरनगर (मंडी)। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन में जुड़कर भीमा देवी ने अपनी आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव किया है। सुंदरनगर की रहने वाली भीमा देवी पहले सिलाई का छोटा मोटा कार्य करती थीं। इसके बाद वह राष्ट्रीय शरही आजीविका मिशन के तहत राधे मुकुंद स्वयं सहायता से जुड़ीं।स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव आया।
भीमा देवी बताती हैं कि समूह को पहले 10 हजार रुपये का रिवॉल्विंग फंड मिला। इसके बाद समूह को 8 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। समूह में कुल 8 सदस्य हैं और सभी को एक-एक लाख रुपये की राशि मिली। इससे उन्होंने सिलाई मशीनें और आवश्यक उपकरण खरीदे। वर्तमान में वे सिलाई कार्य से प्रतिमाह 25 से 30 हजार रुपये तक की आमदनी अर्जित कर रही हैं। अब उनके पास कई लड़कियां सिलाई कार्य सीखने आती हैं।
उन्होंने बताया कि शुरुआत में समूह की महिलाएं 500 रुपये प्रतिमाह की बचत करती थीं, जिसे बाद में बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया गया है। वर्तमान में समूह की कुल बचत लगभग 2 लाख रुपये हो चुकी है। नगर परिषद सुंदरनगर के कार्यकारी अधिकारी ललित कुमार ने बताया कि नगर परिषद सुंदरनगर क्षेत्र में वर्ष 2016 से लेकर वर्तमान तक 114 स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
भीमा देवी बताती हैं कि समूह को पहले 10 हजार रुपये का रिवॉल्विंग फंड मिला। इसके बाद समूह को 8 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। समूह में कुल 8 सदस्य हैं और सभी को एक-एक लाख रुपये की राशि मिली। इससे उन्होंने सिलाई मशीनें और आवश्यक उपकरण खरीदे। वर्तमान में वे सिलाई कार्य से प्रतिमाह 25 से 30 हजार रुपये तक की आमदनी अर्जित कर रही हैं। अब उनके पास कई लड़कियां सिलाई कार्य सीखने आती हैं।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि शुरुआत में समूह की महिलाएं 500 रुपये प्रतिमाह की बचत करती थीं, जिसे बाद में बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया गया है। वर्तमान में समूह की कुल बचत लगभग 2 लाख रुपये हो चुकी है। नगर परिषद सुंदरनगर के कार्यकारी अधिकारी ललित कुमार ने बताया कि नगर परिषद सुंदरनगर क्षेत्र में वर्ष 2016 से लेकर वर्तमान तक 114 स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है। संवाद
विज्ञापन