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पुस्तकालय मानव सभ्यता की स्मृति स्थली : डाॅ. संजीव
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मंडी के वल्लभ कॉलेज में मनाया राष्ट्रीय पुस्तकालय दिवस, हुए विभिन्न कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। वल्लभ राजकीय महाविद्यालय मंडी में मंगलवार को राष्ट्रीय पुस्तकालय दिवस मनाया गया। इस अवसर पर पुस्तक प्रदर्शनी, भाषण, रंगोली और सेमिनार सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजीव कुमार ने की।
प्राचार्य डॉ. संजीव कुमार ने कहा कि पुस्तकालय मानव सभ्यता की स्मृति-स्थली होते हैं। यह केवल किताबों का भंडार नहीं, बल्कि विचार, संस्कृति और विज्ञान का खजाना हैं। हिंदी के विभागाध्यक्ष डॉ. राजकुमार जम्वाल ने कहा कि इतिहास, सभ्यता और संस्कृति को जानने में पुस्तकालय महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पत्रकारिता एवं जनसंचार विभागाध्यक्ष डॉ. चमन ने कहा कि आंबेडकर ने आधुनिक भारत को एक ऐसी सांविधानिक और सामाजिक नींव दी, जिस पर समानता, न्याय और स्वतंत्रता की इमारत खड़ी है। इस अवसर पर विभिन्न विषयों से संबंधित पुस्तकों की प्रदर्शनी लगाई गई। असिस्टेंट लाइब्रेरियन चंद्र चौहान ने डॉ. एसआर रंगनाथन के लाइब्रेरी विज्ञान में महत्वपूर्ण भूमिका पर एक डॉक्यूमेंट्री प्रस्तुत की। इस अवसर पर महाविद्यालय के विद्यार्थी लेखराज, हर्षा ठाकुर, कविता ठाकुर, कनिका और तोमिश कुमार ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए। इस मौके पर खीर के भंडारे का आयोजन भी किया गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। वल्लभ राजकीय महाविद्यालय मंडी में मंगलवार को राष्ट्रीय पुस्तकालय दिवस मनाया गया। इस अवसर पर पुस्तक प्रदर्शनी, भाषण, रंगोली और सेमिनार सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजीव कुमार ने की।
प्राचार्य डॉ. संजीव कुमार ने कहा कि पुस्तकालय मानव सभ्यता की स्मृति-स्थली होते हैं। यह केवल किताबों का भंडार नहीं, बल्कि विचार, संस्कृति और विज्ञान का खजाना हैं। हिंदी के विभागाध्यक्ष डॉ. राजकुमार जम्वाल ने कहा कि इतिहास, सभ्यता और संस्कृति को जानने में पुस्तकालय महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पत्रकारिता एवं जनसंचार विभागाध्यक्ष डॉ. चमन ने कहा कि आंबेडकर ने आधुनिक भारत को एक ऐसी सांविधानिक और सामाजिक नींव दी, जिस पर समानता, न्याय और स्वतंत्रता की इमारत खड़ी है। इस अवसर पर विभिन्न विषयों से संबंधित पुस्तकों की प्रदर्शनी लगाई गई। असिस्टेंट लाइब्रेरियन चंद्र चौहान ने डॉ. एसआर रंगनाथन के लाइब्रेरी विज्ञान में महत्वपूर्ण भूमिका पर एक डॉक्यूमेंट्री प्रस्तुत की। इस अवसर पर महाविद्यालय के विद्यार्थी लेखराज, हर्षा ठाकुर, कविता ठाकुर, कनिका और तोमिश कुमार ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए। इस मौके पर खीर के भंडारे का आयोजन भी किया गया।
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