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क्रेहड़ी, कुम्मी और स्योहली नालों का हो तटीकरण : सीता
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किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष बोले, बरसात में मचाते हैं तबाही
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। हिमाचल किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष सीता राम वर्मा ने कहा कि बल्ह घाटी में क्रेहड़ी, कुम्मी और स्योहली नाले बरसात में तबाही मचा रहे हैं। इन नालों का तटीकरण कर इन्हें सुकेती खड्ड में मिलाया जाए ताकि किसानों की फसलों को नुकसान न पहुंच सके। इसके अलावा कृषि को उद्योग का दर्जा दिया जाए। बल्हघाटी में टमाटर आधारित उद्योग की स्थापना की जाए।
हिमाचल किसान यूनियन की ब्लॉक स्तरीय बैठक भंगरोटू में कृषि विभाग के विषयवाद विशेषज्ञ चौधरी राम के साथ हुई। किसानों के हितों के मद्देनजर 20 सूत्री मांग पत्र विषयबाद विशेषज्ञ को सौंपा। मांग की है कि हिमाचल में किसान आयोग गठित हो, कृषि को उद्योग का दर्जा मिले, एमआईएस कृषि सिंचाई योजना को फिर से बहाल किया जाए।
कांटेदार तार की बाड़बंदी 70-30 उपदान पर दी जाए। कृषि विभाग की भूमि किसी कंपनी और अन्य हितधारक को न दी जाए, कृषि योजना के अंतर्गत कृषि संबंधित संयंत्र, विद्युत मोटर, टुल्लू पंप, तिरपाल पर 50 प्रतिशत उपदान दिया जाए। जरल सब्जी मंडी का कार्य शीघ्र आरंभ किया जाए। कृषि विभाग के विक्रय केंद्रों में मल्टी पर्पज वर्कर रखे जाएं। बरसीम, आलू, सरसों तथा सब्जियों के बीज एवं गेहूं की उन्नत किस्म के बीच समय पर उपलब्ध करवाए जाएं। लूणापानी किसान भवन में कृषकों को बैठक करने की समुचित व्यवस्था की जाए। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। हिमाचल किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष सीता राम वर्मा ने कहा कि बल्ह घाटी में क्रेहड़ी, कुम्मी और स्योहली नाले बरसात में तबाही मचा रहे हैं। इन नालों का तटीकरण कर इन्हें सुकेती खड्ड में मिलाया जाए ताकि किसानों की फसलों को नुकसान न पहुंच सके। इसके अलावा कृषि को उद्योग का दर्जा दिया जाए। बल्हघाटी में टमाटर आधारित उद्योग की स्थापना की जाए।
हिमाचल किसान यूनियन की ब्लॉक स्तरीय बैठक भंगरोटू में कृषि विभाग के विषयवाद विशेषज्ञ चौधरी राम के साथ हुई। किसानों के हितों के मद्देनजर 20 सूत्री मांग पत्र विषयबाद विशेषज्ञ को सौंपा। मांग की है कि हिमाचल में किसान आयोग गठित हो, कृषि को उद्योग का दर्जा मिले, एमआईएस कृषि सिंचाई योजना को फिर से बहाल किया जाए।
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कांटेदार तार की बाड़बंदी 70-30 उपदान पर दी जाए। कृषि विभाग की भूमि किसी कंपनी और अन्य हितधारक को न दी जाए, कृषि योजना के अंतर्गत कृषि संबंधित संयंत्र, विद्युत मोटर, टुल्लू पंप, तिरपाल पर 50 प्रतिशत उपदान दिया जाए। जरल सब्जी मंडी का कार्य शीघ्र आरंभ किया जाए। कृषि विभाग के विक्रय केंद्रों में मल्टी पर्पज वर्कर रखे जाएं। बरसीम, आलू, सरसों तथा सब्जियों के बीज एवं गेहूं की उन्नत किस्म के बीच समय पर उपलब्ध करवाए जाएं। लूणापानी किसान भवन में कृषकों को बैठक करने की समुचित व्यवस्था की जाए। संवाद
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