मंडी। दुर्गा अष्टमी पर मंडी जिलेभर के मंदिरों व घरों में श्रद्धालुओं ने कंजक पूजन कर देवी के नवरूपों से आशीर्वाद लिया। मंगलवार को दुर्गा अष्टमी के अवसर पर श्रद्धालुओं द्वारा सुबह स्नान आदि से निवृत होकर मंदिरों व घरों में स्थापित कलश व मूर्तियों व प्रतिमाओं का पंचग्रभ से स्नान करवाकर धूप-दीप, फूल व भोग लगाने के बाद विधिवत रूप से पूजा अर्चना की। इसके बाद लोगों ने अपने घरों व मंदिरों में कंजकों को बुलाकर उनके पानी से पैर धुलाए। माथे में कुमकुम का तिलक लगा कर उन्हेंं सुहागी चूड़ी, बिंदी, कंघी, काजल, पुरांदा, गजरा व उपहार भेंट किए। इसके बाद कंजकों को हलवा, पूरी, चने, केला व अन्य फलों का भोग लगाया। इसके बाद सभी कंजकों द्वारा श्रद्धालुओं के सिर व पीठ थपथपाते हुए उन्हें आशीर्वाद दिया। इस दौरान नवरात्र में व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं ने कंजक पूजन के बाद अपने व्रत का उद्यापन किया। कंजक पूजन के लिए लोग द्वारा सुबह से ही मंदिरों, गली मुहल्लों में कंजकों की तलाश की या आस पड़ोस की छोटी बच्चियों को अपने घरों में लाकर उनका पूजन किया। जिलेभर में यह क्रम दिन भर चलता रहा।
मान्यता है कि नौ देवियों के रूप में नौ कन्याओं का पूजन करने के बाद बाद ही नवरात्र व्रत सफल होता है। श्रद्धालुओं द्वारा 3 साल से 13 साल तक की कन्याओं की पूजा कर व्रत पूरा किया। उधर, तुंगल क्षेत्र के सेहली स्थित माता बगलामुखी मंदिर में भी कंजक पूजन किया गया। मंदिर के पुजारी अमरजीत शर्मा ने बताया कि नवरात्र के दौरान मंदिर में प्रतिदिन दुर्गा पाठ किया गया। मंगलवार को सैंकडों लोगों ने पूर्णाहुति में भाग लिया।