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Mandi News: एचआरटीसी कर्मशाला में जुगाड़ तंत्र ही सहारा, स्टाफ की कमी, कलपुर्जे भी नहीं
Wed, 26 Jun 2024 07:25 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Wed, 26 Jun 2024 07:25 AM IST
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बस डिपो जोगिंद्रनगर की कर्मशाला में खड़ी परिवहन निगम की बसें और खुले आसमान के नीचे बिखरा बसों का
जोगिंद्रनगर (मंडी)। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के बस डिपो जोगिंद्रनगर की कर्मशाला कई सालों बाद भी बदहाल स्थिति है। कर्मशाला के तकनीकी कर्मचारियों को सुविधाओं और संसाधनों के अभाव से बसों की मरम्मत करनी पड़ रही है और जुगाड़ तंत्र से काम चलाया जा रहा है।
कर्मशाला में चार सालों से तकनीकी कर्मचारियों का टोटा चल रहा है। वहीं, कलपुर्जों के अभाव से भी मरम्मत कार्य प्रभावित हो रहा है। इस कारण सफर पर निकलीं परिवहन निगम की बसें भी बीच सड़क में खड़ी हो रही हैं। इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है।
वर्ष 2020 से बस डिपो की सौगात मिलने के बाद जोगिंद्रनगर में चल रही बसों के लिए सरकाघाट सड़क पर कर्मशाला तैयार की गई थी। मगर यहां पर बसों की धुलाई के लिए वॉशिंग प्वाइंट की भी व्यवस्था नहीं की गई। ऐसे में कर्मचारी कीचड़ और दलदल के बीच बसों की सफाई करने को मजूबर हैं।
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वहीं, बस डिपो जोगिंद्रनगर की 55 से अधिक बसों के मरम्मत कार्य के लिए तकनीकी कर्मचारियों की कमी के कारण अब मानसून सीजन में मरम्मत कार्य को लेकर भी कर्मचारियों के माथे में चिंता की लकीरें खींच चुकी है।
कर्मशाला में पीने के लिए पानी की सुविधा भी नहीं
जोगिंद्रनगर स्थित एचआरटीसी की कर्मशाला की स्थिति यह है कर्मचारियों को पीने के लिए पानी और शौचालय की सुविधा भी नहीं है। बसों की मरम्मत कार्य के लिए शेड तक का निर्माण नहीं हो सका है। बारिश और तेज धूप के बीच खुले में बसों के मरम्मत करने में कर्मचारियों के पसीने छूट रहे हैं।
बस डिपो जोगिंद्रनगर की कर्मशाला में जिन सुविधाओं और संसाधनों का अभाव है, उसे जल्द पूरा करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। कर्मशाला में तकनीकी कर्मचारियों और कलपुर्जाें की कमी की रिपोर्ट क्षेत्रीय अधिकारी से ली जाएगी। इसके बाद आवश्यक कार्रवाई अमल पर लाई जाएगी।
-पंकज चड्ढा, मंडलीय प्रबंधक, धर्मशाला मंडल
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कर्मशाला में चार सालों से तकनीकी कर्मचारियों का टोटा चल रहा है। वहीं, कलपुर्जों के अभाव से भी मरम्मत कार्य प्रभावित हो रहा है। इस कारण सफर पर निकलीं परिवहन निगम की बसें भी बीच सड़क में खड़ी हो रही हैं। इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है।
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वर्ष 2020 से बस डिपो की सौगात मिलने के बाद जोगिंद्रनगर में चल रही बसों के लिए सरकाघाट सड़क पर कर्मशाला तैयार की गई थी। मगर यहां पर बसों की धुलाई के लिए वॉशिंग प्वाइंट की भी व्यवस्था नहीं की गई। ऐसे में कर्मचारी कीचड़ और दलदल के बीच बसों की सफाई करने को मजूबर हैं।
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वहीं, बस डिपो जोगिंद्रनगर की 55 से अधिक बसों के मरम्मत कार्य के लिए तकनीकी कर्मचारियों की कमी के कारण अब मानसून सीजन में मरम्मत कार्य को लेकर भी कर्मचारियों के माथे में चिंता की लकीरें खींच चुकी है।
कर्मशाला में पीने के लिए पानी की सुविधा भी नहीं
जोगिंद्रनगर स्थित एचआरटीसी की कर्मशाला की स्थिति यह है कर्मचारियों को पीने के लिए पानी और शौचालय की सुविधा भी नहीं है। बसों की मरम्मत कार्य के लिए शेड तक का निर्माण नहीं हो सका है। बारिश और तेज धूप के बीच खुले में बसों के मरम्मत करने में कर्मचारियों के पसीने छूट रहे हैं।
बस डिपो जोगिंद्रनगर की कर्मशाला में जिन सुविधाओं और संसाधनों का अभाव है, उसे जल्द पूरा करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। कर्मशाला में तकनीकी कर्मचारियों और कलपुर्जाें की कमी की रिपोर्ट क्षेत्रीय अधिकारी से ली जाएगी। इसके बाद आवश्यक कार्रवाई अमल पर लाई जाएगी।
-पंकज चड्ढा, मंडलीय प्रबंधक, धर्मशाला मंडल