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Mandi News: जोगिंद्रनगर अस्पताल की प्रयोगशाला की मशीनरी हांफी, बैरंग लौटे मरीज
Thu, 24 Apr 2025 07:30 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 24 Apr 2025 07:30 AM IST
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जोगिंद्रनगर अस्पताल में क्रस्ना लैब की खराब मशीनरी को दुरस्त करते इंजीनियर। स्रोत जागरूक पाठक
जोगिंद्रनगर (मंडी)। नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में सरकार द्वारा अधिकृत निजी क्रस्ना प्रयोगशाला की मशीनरी हांफ जाने से उपचार के लिए पहुंच मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी। मरीजों के खून के सैंपल की रिपोर्ट समय पर न मिलने से मरीजों का उपचार भी लटक गया। प्रयोगशाला में लंबे इंतजार के बाद भी जब खून के टेस्ट की रिपोर्ट मरीजों को नहीं मिली तो कुछ मरीज बैरंग लौटने को मजबूर हो गए।
प्रयोगशाला की बायो केमिस्टरी लैब में तकनीकी खामी आ जाने से शुगर, किडनी और लीवर के टेस्ट की रिपोर्ट समय पर नहीं मिल पाई। हालांकि प्रयोगशाला में मौजूद तकनीशियनों ने मरीजों के खून के सैंपल एकत्रित कर लिए थे। बुधवार को नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में उपचार के लिए पहुंचे 200 से अधिक मरीजों की स्वास्थ्य जांच के दौरान अस्पताल की विभिन्न ओपीडी में तैनात चिकित्सकों ने टेस्ट करवाने की सलाह मरीजों को दी। इसी बीच अस्पताल की निजी प्रयोगशाला की मशीनरी हांफ जाने से उपचार से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हुई।
सरकारी प्रयोगशाला में 12 बजे के बाद नहीं हुए मरीजों के टेस्ट
अस्पताल की सरकारी प्रयोगशाला में भी टेस्ट करवाने के लिए पहुंचे मरीजों को दोपहर 12 बजे के बाद मायूसी हाथ लगी। यहां पर सुबह 9:30 से 12 बजे तक खून, यूरिन से संबंधित मरीजों के टेस्ट लिए गए, लेकिन इसके बाद यहां पर भी टेस्ट सेवाओं को सुचारू नहीं रखा गया। जिस कारण मरीजों को अस्पताल से बाहर स्थापित निजी प्रयोगशालाओं में दाम अदा कर अपने टेस्ट करवाने पड़े।
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प्रयोगशाला की बायो केमिस्टरी मशीन में आई तकनीकी खामी के चलते दोपहर तक मरीजों के कुछ टेस्ट की रिपोर्ट उपलब्ध नहीं करवाई जा सकी। देर शाम बाधित मशीनरी को दुरुस्त कर सभी प्रकार की टेस्ट सेवाओं को बहाल कर दिया गया।
-सरिता ठाकुर, प्रभारी क्रस्ना लैब नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर
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प्रयोगशाला की बायो केमिस्टरी लैब में तकनीकी खामी आ जाने से शुगर, किडनी और लीवर के टेस्ट की रिपोर्ट समय पर नहीं मिल पाई। हालांकि प्रयोगशाला में मौजूद तकनीशियनों ने मरीजों के खून के सैंपल एकत्रित कर लिए थे। बुधवार को नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में उपचार के लिए पहुंचे 200 से अधिक मरीजों की स्वास्थ्य जांच के दौरान अस्पताल की विभिन्न ओपीडी में तैनात चिकित्सकों ने टेस्ट करवाने की सलाह मरीजों को दी। इसी बीच अस्पताल की निजी प्रयोगशाला की मशीनरी हांफ जाने से उपचार से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हुई।
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सरकारी प्रयोगशाला में 12 बजे के बाद नहीं हुए मरीजों के टेस्ट
अस्पताल की सरकारी प्रयोगशाला में भी टेस्ट करवाने के लिए पहुंचे मरीजों को दोपहर 12 बजे के बाद मायूसी हाथ लगी। यहां पर सुबह 9:30 से 12 बजे तक खून, यूरिन से संबंधित मरीजों के टेस्ट लिए गए, लेकिन इसके बाद यहां पर भी टेस्ट सेवाओं को सुचारू नहीं रखा गया। जिस कारण मरीजों को अस्पताल से बाहर स्थापित निजी प्रयोगशालाओं में दाम अदा कर अपने टेस्ट करवाने पड़े।
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प्रयोगशाला की बायो केमिस्टरी मशीन में आई तकनीकी खामी के चलते दोपहर तक मरीजों के कुछ टेस्ट की रिपोर्ट उपलब्ध नहीं करवाई जा सकी। देर शाम बाधित मशीनरी को दुरुस्त कर सभी प्रकार की टेस्ट सेवाओं को बहाल कर दिया गया।
-सरिता ठाकुर, प्रभारी क्रस्ना लैब नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर