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Mandi News: कोटली में जाम, फंसे कर्मचारी-विद्यार्थी
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संवाद न्यूज एजेंसी
कोटली (मंडी)। कोटली में निर्माणाधीन हाईवे-003 के कार्य के चलते अव्यवस्थित तरीके से फेंकी गई निर्माण सामग्री के कारण वीरवार सुबह कस्बा वाहनों से जाम हो गया। पुराने बस अड्डे से लेकर नए बस अड्डे तक छोटे-बड़े सभी वाहनों के पहिये थम गए। इससे कार्यालय और अन्य कार्यों के लिए पहुंचे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। कई कर्मचारी, अधिकारी और विद्यार्थी समय पर कार्यालय-स्कूल नहीं पहुंच पाए। राहगीर भी परेशान हुए।
करीब एक घंटा तक कोटली कस्बा वाहनों के हॉर्न से गूंजता रहा। हाईवे का निर्माण कर रही कंपनी के कर्मियों ने प्रशासन की मंजूरी के बगैर पुराने बस अड्डा से लेकर नए बस अड्डा तक क्रशर और बजरी के ढेर लगा दिए हैं। इससे रास्ता बाधित हो गया है। टैफिक वन-वे होने के कारण धर्मपुर और जोगिंद्रनगर मार्ग की तरफ वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। जाम खुलवाने के लिए स्थानीय पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। मामले को लेकर एसडीएम कोटली आसीम सूद ने बताया कि निर्माणाधीन कंपनी की ओर से निर्माण सामग्री को फेंकने की कोई मंजूरी नहीं ली थी। कंपनी को चेतावनी दे दी गई है। अगर फिर से ऐसे हालात बनते हैं तो निर्माणाधीन कंपनी पर कार्रवाई की जाएगी। संवाद
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कोटली (मंडी)। कोटली में निर्माणाधीन हाईवे-003 के कार्य के चलते अव्यवस्थित तरीके से फेंकी गई निर्माण सामग्री के कारण वीरवार सुबह कस्बा वाहनों से जाम हो गया। पुराने बस अड्डे से लेकर नए बस अड्डे तक छोटे-बड़े सभी वाहनों के पहिये थम गए। इससे कार्यालय और अन्य कार्यों के लिए पहुंचे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। कई कर्मचारी, अधिकारी और विद्यार्थी समय पर कार्यालय-स्कूल नहीं पहुंच पाए। राहगीर भी परेशान हुए।
करीब एक घंटा तक कोटली कस्बा वाहनों के हॉर्न से गूंजता रहा। हाईवे का निर्माण कर रही कंपनी के कर्मियों ने प्रशासन की मंजूरी के बगैर पुराने बस अड्डा से लेकर नए बस अड्डा तक क्रशर और बजरी के ढेर लगा दिए हैं। इससे रास्ता बाधित हो गया है। टैफिक वन-वे होने के कारण धर्मपुर और जोगिंद्रनगर मार्ग की तरफ वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। जाम खुलवाने के लिए स्थानीय पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। मामले को लेकर एसडीएम कोटली आसीम सूद ने बताया कि निर्माणाधीन कंपनी की ओर से निर्माण सामग्री को फेंकने की कोई मंजूरी नहीं ली थी। कंपनी को चेतावनी दे दी गई है। अगर फिर से ऐसे हालात बनते हैं तो निर्माणाधीन कंपनी पर कार्रवाई की जाएगी। संवाद
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