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Mandi News: सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों की जांच शुरू, मंडी-कुल्लू में भरे पानी के सैंपल
Wed, 10 Apr 2024 07:07 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Wed, 10 Apr 2024 07:07 AM IST
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मंडी के जोगिंद्रनगर के सीवरेज ट्रीटमैंट प्लांट में ट्रीट पानी के सैंपल भरती सीपीसीबी की टीम। स
जोगिंद्रनगर (मंडी)। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों से रिसाइकिल होकर निकल रहे पानी के सैंपल भरे हैं। मंडी, कुल्लू और शिमला के अलावा प्रदेश के विभिन्न जिलों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों से अनट्रीट पानी के सैंपल भी लिए हैं। मंडी के जोगिंद्रनगर के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में भी सीपीसीबी की टीम ने ट्रीट कर छोड़े और अनट्रीट पानी के सैंपल भी जांच के भरे हैं।
सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों से सटी नदियों में प्रदूषण को रोकने के लिए यह कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। जांच में अगर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों से रिसाइकिल कर छोड़े जा रहे पानी की गुणवत्ता में कोई खोट आया तो एनजीटी एक्ट के तहत आवश्यक कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। जोगिंद्रनगर की नेरी खड्ड, कुल्लू की ब्यास नदी और शिमला की अश्वनी खड्ड के अलावा मंडी जिला मुख्यालय के भी दो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों के सैंपल भी सीपीसीबी की टीम ने लिए हैं। प्रदेशभर के अन्य सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों की जांच के लिए चार-चार सदस्यीय तीन टीमें उतरी हैं।
जोगिंद्रनगर के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में पहुंची सीपीसीबी की टीम में शामिल अंकित मिश्रा ने बताया कि नदियों में जल प्रदूषण को रोकने के लिए यह जांच प्रदेशभर में शुरू की गई है। सैंपलों की रिपोर्ट आने के बाद आगामी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगें। उधर, विभागीय अधिशासी अभियंता अराध्य ने बताया कि प्रतिदिन ट्रीट किए गए पानी के सैंपल की जांच के बाद ही इसे साथ लगती खड्ड में छोड़ा जाता है।
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सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों से सटी नदियों में प्रदूषण को रोकने के लिए यह कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। जांच में अगर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों से रिसाइकिल कर छोड़े जा रहे पानी की गुणवत्ता में कोई खोट आया तो एनजीटी एक्ट के तहत आवश्यक कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। जोगिंद्रनगर की नेरी खड्ड, कुल्लू की ब्यास नदी और शिमला की अश्वनी खड्ड के अलावा मंडी जिला मुख्यालय के भी दो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों के सैंपल भी सीपीसीबी की टीम ने लिए हैं। प्रदेशभर के अन्य सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों की जांच के लिए चार-चार सदस्यीय तीन टीमें उतरी हैं।
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जोगिंद्रनगर के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में पहुंची सीपीसीबी की टीम में शामिल अंकित मिश्रा ने बताया कि नदियों में जल प्रदूषण को रोकने के लिए यह जांच प्रदेशभर में शुरू की गई है। सैंपलों की रिपोर्ट आने के बाद आगामी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगें। उधर, विभागीय अधिशासी अभियंता अराध्य ने बताया कि प्रतिदिन ट्रीट किए गए पानी के सैंपल की जांच के बाद ही इसे साथ लगती खड्ड में छोड़ा जाता है।
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