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Mandi News: क्षेत्रीय अस्पताल मंडी के स्पेशल वार्ड की सुविधाओं में होगा सुधार, बढ़ेगा शुल्क
Fri, 23 Jan 2026 11:32 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Fri, 23 Jan 2026 11:32 PM IST
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मंडी। नेताजी सुभाष चंद्र बोस क्षेत्रीय अस्पताल मंडी की रोगी कल्याण समिति की गवर्निंग बॉडी की बैठक उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित बजट को मंजूरी प्रदान की गई। बैठक में रोगियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने, स्पेशल वार्ड की सुविधाओं में सुधार तथा आरकेएस की आय बढ़ाने से जुड़े निर्णय लिए गए। स्पेशल वार्ड की सुविधाओं में सुधार के बाद शुल्क भी बढ़ेगा।
बैठक में स्पेशल वार्ड के कमरों की मरम्मत कर उपलब्ध सुविधाओं के अनुसार उनका वर्गीकरण करने का निर्णय लिया गया। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि स्वीकृत बजट का उपयोग पूरी पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से किया जाए। उन्होंने अस्पताल की एंबुलेंस सुविधा का अधिक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश देते हुए कहा कि यह सुविधा 12 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से रोगियों को उपलब्ध करवाई जा रही है। यदि रेफर किए जाने की स्थिति में 108 एंबुलेंस उपलब्ध न हो तो इस एंबुलेंस सुविधा का उपयोग किया जा सकता है।
आरकेएस की आय बढ़ाने के उद्देश्य से उपायुक्त ने अस्पताल परिसर में कैंटीन शुरू करने की संभावनाएं तलाशने तथा स्टोर रूम में पड़े पुराने और अनुपयोगी सामान की नीलामी करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने बताया कि 26 जनवरी के बाद वह अस्पताल का दौरा कर व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे।
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वित्तीय वर्ष 2026-27 में आरकेएस के तहत तैनात स्टाफ पर 35 लाख रुपये, लैब रीजेंट्स, एक्सरे और अल्ट्रासाउंड सामान के लिए 40 लाख रुपये, मोटराइज्ड बेड की रिपेयर के लिए 2 लाख रुपये, मेडिसिन के लिए 15 लाख रुपये, ऑडियोमेट्री मशीन की खरीद के लिए 5 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई।
इसके अलावा नशा मुक्ति केंद्र रघुनाथ का पधर में दवाइयों के लिए 5 लाख रुपये, ऑलिम्पस बाइनाकुलर माइक्रोस्कोप (मॉडिफाइड न्यू चेंबर सहित) एवं पैथोलॉजी के लिए सेल काउंटर मशीन पर 2.20 लाख रुपये तथा ब्लड बैंक के लिए जेल कार्ड इनक्यूबेटर सिस्टम, कोएगुलेशन एनालाइजर एवं जेल कार्ड सेंट्रीफ्यूज मशीन पर 7 लाख रुपये खर्च करने की स्वीकृति प्रदान की गई।
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बैठक में स्पेशल वार्ड के कमरों की मरम्मत कर उपलब्ध सुविधाओं के अनुसार उनका वर्गीकरण करने का निर्णय लिया गया। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि स्वीकृत बजट का उपयोग पूरी पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से किया जाए। उन्होंने अस्पताल की एंबुलेंस सुविधा का अधिक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश देते हुए कहा कि यह सुविधा 12 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से रोगियों को उपलब्ध करवाई जा रही है। यदि रेफर किए जाने की स्थिति में 108 एंबुलेंस उपलब्ध न हो तो इस एंबुलेंस सुविधा का उपयोग किया जा सकता है।
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आरकेएस की आय बढ़ाने के उद्देश्य से उपायुक्त ने अस्पताल परिसर में कैंटीन शुरू करने की संभावनाएं तलाशने तथा स्टोर रूम में पड़े पुराने और अनुपयोगी सामान की नीलामी करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने बताया कि 26 जनवरी के बाद वह अस्पताल का दौरा कर व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे।
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वित्तीय वर्ष 2026-27 में आरकेएस के तहत तैनात स्टाफ पर 35 लाख रुपये, लैब रीजेंट्स, एक्सरे और अल्ट्रासाउंड सामान के लिए 40 लाख रुपये, मोटराइज्ड बेड की रिपेयर के लिए 2 लाख रुपये, मेडिसिन के लिए 15 लाख रुपये, ऑडियोमेट्री मशीन की खरीद के लिए 5 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई।
इसके अलावा नशा मुक्ति केंद्र रघुनाथ का पधर में दवाइयों के लिए 5 लाख रुपये, ऑलिम्पस बाइनाकुलर माइक्रोस्कोप (मॉडिफाइड न्यू चेंबर सहित) एवं पैथोलॉजी के लिए सेल काउंटर मशीन पर 2.20 लाख रुपये तथा ब्लड बैंक के लिए जेल कार्ड इनक्यूबेटर सिस्टम, कोएगुलेशन एनालाइजर एवं जेल कार्ड सेंट्रीफ्यूज मशीन पर 7 लाख रुपये खर्च करने की स्वीकृति प्रदान की गई।