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Mandi News: स्वच्छता ही सेवा अभियान पर पार्षद ही नहीं गंभीर तो जनता से क्या करें आस
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मंडी के नेला में पौधरोपण के बाद पानी का छिड़काव करते एनएचएआई के परियोजना निदेशक वरूण चाणी। संवा
अभियान के शुभारंभ पर महापौर समेत 4 पार्षदों ने ही समझी जिम्मेदारी, डंपिंग साइट पर रोपे 60 पौधे
उप महापौर और स्थानीय पार्षद भी रहे गायब, निगम के कर्मियों ने संभाला मोर्चा
अभियान में शामिल होने के लिए पार्षदों के लिए की थी गाड़ी की व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। स्वच्छता ही सेवा 2024 'स्वभाव स्वच्छता, संस्कार स्वच्छता' के कार्यक्रम को लेकर नगर निगम के पार्षद गंभीर नहीं दिख रहे हैं। मंगलवार को अभियान का आगाज ठोस कचरा प्रसंस्करण स्थल बिंद्रावणी में महापौर वीरेंद्र भट्ट शर्मा और सह आयुक्त विकास शर्मा की अध्यक्षता में किया गया।
अभियान के पहले दिन एक पौधा मां के नाम कार्यक्रम के तहत ठोस कचरा प्रसंस्करण स्थल पर शुद्ध हवा एवं हरियाली बनाए रखने के लिए पौधरोपण किया गया। इसमें एक पार्षद निर्मल वर्मा और 3 मनोनीत पार्षदों दिनेश पटियाल, दर्शन ठाकुर और संजय शर्मा ही शामिल हुए, जबकि उपमहापौर समेत 12 पार्षद गैर हाजिर रहे। महापौर की ओर से उन्हें एक दिन पहले अभियान में शामिल होने का न्योता दिया था, लेकिन उपमहापौर समेत 12 पार्षदों ने इसमें हिस्सा लेना जरूरी नहीं समझा और गाड़ी की व्यवस्था होने के बावजूद शामिल नहीं हुए। ऐसे में महापौर, सह आयुक्त और अन्य ने ठोस कचरा प्रसंस्करण स्थल पर 60 पौधे रोप। महापौर ने पौधा लगाने के बाद डंपिंग साइट के कर्मचारियों को इसकी देखरेख करने का जिम्मा भी सौंपा। बता दें कि शिमला में हिपा की ओर से दिए प्रशिक्षण के दौरान ठोस कचरा प्रसंस्करण स्थल पर पौधरोपण करने के निर्देश दिए थे। इस दौरान महापौर ने संबंधित अधिकारियों को स्वभाव स्वच्छता, संस्कार स्वच्छता का अनुकरण करते हुए लंबित कार्याें का निपटारा समयबद्ध तरीके से करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा महापौर ने कूड़ा एकत्रित करके ठोस कचरा प्रसंस्करण स्थल पर पहुंची गाड़ियों का निरीक्षण भी किया गया। इस मौके पर सहायक अभियंता नरेश, कनिष्ठ अभियंता शुभम अत्री और नगर निगम के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
बॉक्स
पार्षद ही अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहे, जनता का कैसा रहेगा सहयोग
शिमला में पार्षदों को उनकी जिम्मेदारियों का प्रशिक्षण दिलाने के लिए यूडी की ओर से हजारों रुपये खर्च किए गए थे। प्रशिक्षण में दिए गए टिप्स को उपमहापौर समेत 12 पार्षद धरातल पर उतारने के लिए मौके पर नहीं पहुंच पाए। ऐसे में 2 अक्तूबर तक चलने वाले अभियान का जनता पर भी विपरीत असर पड़ेगा। जब पार्षद ही अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहे हैं तो स्वभाविक है कि नगर निगम क्षेत्र में स्वच्छता ही सेवा 2024 अभियान में जनता का कैसा सहयोग मिलेगा।
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कोट्स
सभी पार्षदों को अभियान में हिस्सा लेने के लिए कहा गया था। शिमला में प्रशिक्षण के दौरान जिम्मेदारियों के प्रति उन्हें प्रशिक्षण भी दिलाया गया था। अभियान में शामिल होने के लिए गाड़ी की व्यवस्था भी की थी। 20 सितंबर से सभी वार्डों में अभियान को गति दी जाएगी।
-वीरेंद्र भट्ट शर्मा, महापौर नगर निगम मंडी
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उप महापौर और स्थानीय पार्षद भी रहे गायब, निगम के कर्मियों ने संभाला मोर्चा
अभियान में शामिल होने के लिए पार्षदों के लिए की थी गाड़ी की व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। स्वच्छता ही सेवा 2024 'स्वभाव स्वच्छता, संस्कार स्वच्छता' के कार्यक्रम को लेकर नगर निगम के पार्षद गंभीर नहीं दिख रहे हैं। मंगलवार को अभियान का आगाज ठोस कचरा प्रसंस्करण स्थल बिंद्रावणी में महापौर वीरेंद्र भट्ट शर्मा और सह आयुक्त विकास शर्मा की अध्यक्षता में किया गया।
अभियान के पहले दिन एक पौधा मां के नाम कार्यक्रम के तहत ठोस कचरा प्रसंस्करण स्थल पर शुद्ध हवा एवं हरियाली बनाए रखने के लिए पौधरोपण किया गया। इसमें एक पार्षद निर्मल वर्मा और 3 मनोनीत पार्षदों दिनेश पटियाल, दर्शन ठाकुर और संजय शर्मा ही शामिल हुए, जबकि उपमहापौर समेत 12 पार्षद गैर हाजिर रहे। महापौर की ओर से उन्हें एक दिन पहले अभियान में शामिल होने का न्योता दिया था, लेकिन उपमहापौर समेत 12 पार्षदों ने इसमें हिस्सा लेना जरूरी नहीं समझा और गाड़ी की व्यवस्था होने के बावजूद शामिल नहीं हुए। ऐसे में महापौर, सह आयुक्त और अन्य ने ठोस कचरा प्रसंस्करण स्थल पर 60 पौधे रोप। महापौर ने पौधा लगाने के बाद डंपिंग साइट के कर्मचारियों को इसकी देखरेख करने का जिम्मा भी सौंपा। बता दें कि शिमला में हिपा की ओर से दिए प्रशिक्षण के दौरान ठोस कचरा प्रसंस्करण स्थल पर पौधरोपण करने के निर्देश दिए थे। इस दौरान महापौर ने संबंधित अधिकारियों को स्वभाव स्वच्छता, संस्कार स्वच्छता का अनुकरण करते हुए लंबित कार्याें का निपटारा समयबद्ध तरीके से करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा महापौर ने कूड़ा एकत्रित करके ठोस कचरा प्रसंस्करण स्थल पर पहुंची गाड़ियों का निरीक्षण भी किया गया। इस मौके पर सहायक अभियंता नरेश, कनिष्ठ अभियंता शुभम अत्री और नगर निगम के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
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पार्षद ही अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहे, जनता का कैसा रहेगा सहयोग
शिमला में पार्षदों को उनकी जिम्मेदारियों का प्रशिक्षण दिलाने के लिए यूडी की ओर से हजारों रुपये खर्च किए गए थे। प्रशिक्षण में दिए गए टिप्स को उपमहापौर समेत 12 पार्षद धरातल पर उतारने के लिए मौके पर नहीं पहुंच पाए। ऐसे में 2 अक्तूबर तक चलने वाले अभियान का जनता पर भी विपरीत असर पड़ेगा। जब पार्षद ही अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहे हैं तो स्वभाविक है कि नगर निगम क्षेत्र में स्वच्छता ही सेवा 2024 अभियान में जनता का कैसा सहयोग मिलेगा।
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सभी पार्षदों को अभियान में हिस्सा लेने के लिए कहा गया था। शिमला में प्रशिक्षण के दौरान जिम्मेदारियों के प्रति उन्हें प्रशिक्षण भी दिलाया गया था। अभियान में शामिल होने के लिए गाड़ी की व्यवस्था भी की थी। 20 सितंबर से सभी वार्डों में अभियान को गति दी जाएगी।
-वीरेंद्र भट्ट शर्मा, महापौर नगर निगम मंडी