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संघर्ष का बिगुल बज चुका, आंदोलन होकर ही रहेगा
मंडी
Updated Sat, 11 Jun 2016 06:31 PM IST
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मांगों को लेकर मंडी में गेट मीटिंग के दौरान प्रदर्शन करते एचआरटीसी कर्मी।
- फोटो : अमर उजाला
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मंडी। हिमाचल पथ परिवहन निगम मंडी कर्मशाला में शनिवार को संयुक्त समिति मंडी इकाई के नेताओं तथा कर्मचारियों ने हड़ताल की तथा अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। कर्मचारियों ने शनिवार को परिवहन मंत्री के रवैये के खिलाफ उनके खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की।
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निगम को रोडवेज का दर्जा देने की मांग को भी जोरशोर से उठाया। निगम कर्मियों से आह्वान किया कि वे 14 और 15 जून को प्रस्तावित हड़ताल में भाग लें। अखिल भारतीय अपराध निरोधक समिति के अध्यक्ष दिनेश चौहान योगाचार्य ने स्पष्ट किया कि हिमाचल पथ परिवहन निगम के कर्मचारियों के हितों से खिलवाड़ किया जा रहा है। निगम कर्मचारी कोई पेशेवर हड़ताली या शौक से हड़ताल नहीं कर रहे हैं मगर इनको मजबूरन हड़ताल पर जाना पड़ रहा है।
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सरकार और प्रबंधन निगम कर्मचारियों की समस्याओं का निवारण नहीं कर पा रहा है और निगम के अस्तित्व को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। जिन रिटायर कर्मचारियों को समय पर उनके बकाया पैसे नहीं दिए जाते वे इसके लिए ट्रिब्यूनल या कोर्ट में जा रहे हैं और लाखों की रकम ब्याज के साथ उन्हें मिल रही है। यदि निगम समय पर इनका भुगतान कर देता तो इतना नुकसान नहीं उठाना पड़ता। इसके लिए कर्मचारी चुप नहीं बैठेंगे। इन्हीं मांगों को लेकर 48 घंटे की हड़ताल की जा रही है। फिर भी प्रबंधन को होश नहीं आया तो बेमियादी हड़ताल की जाएगी। इसकी सारी जिमेवारी सरकार व निगम प्रबंधन की होगी। लंबे समय से निगम को रोडवेज बनाने की मांग की जा रही है मगर सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने चुनावों के दौरान कहा था कांग्रेस को लाओ रोडवेज बनाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब संघर्ष का बिगुल बज चुका है और आंदोलन होकर ही रहेगा। इस मौके पर दिनेश चौहान के अलावा जोगिंद्र सिंह गुलेरिया, राजेंद्र पाल, जगदीश चंद, पवन कुमार, प्रेम सिंह रावत, किश्र चंद, टेक चंद, निसार अहमद ने अपने अपने विचार रखें।
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