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Mandi News: 9000 बच्चों का जांचा स्वास्थ्य, 136 में कुपोषण के लक्षण
Sat, 05 Oct 2024 08:08 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Sat, 05 Oct 2024 08:08 AM IST
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पधर (मंडी)। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत चल रही स्वास्थ्य जांच में 9000 बच्चों में से 136 बच्चों में कुपोषण के लक्षण पाए गए हैं। यह जांच स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में मोबाइल हेल्थ टीमों द्वारा की गई, जिसमें बच्चों और किशोरों की लंबाई, वजन, खून, दांतों, चमड़ी रोग, आंखों और कुपोषण की जांच शामिल थी।
गत पांच महीनों के दौरान स्वास्थ्य खंड पधर के अंतर्गत 155 स्कूलों के 6100 विद्यार्थियों और 225 आंगनबाड़ी केंद्रों के 2900 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच में यह भी पाया गया कि 16 किशोरों और 20 किशोरियों में खून की कमी थी, जबकि आंगनबाड़ी केंद्रों में 8 बच्चों में एनीमिया पाया गया।
कुपोषण के मामले में, स्कूलों में 118 बच्चे कुपोषित पाए गए, जिसमें 69 किशोर और 49 किशोरियां शामिल हैं, जबकि आंगनबाड़ी केंद्रों में यह संख्या 18 रही। इस अभियान के दौरान, 80 गर्भवती महिलाओं की भी स्वास्थ्य जांच की गई, जिसमें एक महिला एनीमिया से ग्रसित पाई गई और उसे संतुलित एवं पोषक आहार लेने की सलाह दी गई।
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मोबाइल हेल्थ टीमों द्वारा जांच के दौरान पाई गई कमियों के आधार पर, बच्चों को नजदीकी अस्पतालों, न्यूट्रिशनल रिहैबिलिटेशन सेंटर (एनआरसी) मंडी, और डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर (डीईआईसी) नेरचौक भेजा गया है, ताकि उन्हें समय पर उपचार की सुविधा मिल सके।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में किशोरों व बच्चों की मोबाइल हेल्थ टीमों के माध्यम से स्वास्थ्य जांच की जा रही है। गत अप्रैल से अगस्त माह के दौरान लगभग 9 हजार बच्चों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है।
डॉ. संजय गुप्ता, खंड चिकित्साधिकारी, पधर
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गत पांच महीनों के दौरान स्वास्थ्य खंड पधर के अंतर्गत 155 स्कूलों के 6100 विद्यार्थियों और 225 आंगनबाड़ी केंद्रों के 2900 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच में यह भी पाया गया कि 16 किशोरों और 20 किशोरियों में खून की कमी थी, जबकि आंगनबाड़ी केंद्रों में 8 बच्चों में एनीमिया पाया गया।
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कुपोषण के मामले में, स्कूलों में 118 बच्चे कुपोषित पाए गए, जिसमें 69 किशोर और 49 किशोरियां शामिल हैं, जबकि आंगनबाड़ी केंद्रों में यह संख्या 18 रही। इस अभियान के दौरान, 80 गर्भवती महिलाओं की भी स्वास्थ्य जांच की गई, जिसमें एक महिला एनीमिया से ग्रसित पाई गई और उसे संतुलित एवं पोषक आहार लेने की सलाह दी गई।
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मोबाइल हेल्थ टीमों द्वारा जांच के दौरान पाई गई कमियों के आधार पर, बच्चों को नजदीकी अस्पतालों, न्यूट्रिशनल रिहैबिलिटेशन सेंटर (एनआरसी) मंडी, और डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर (डीईआईसी) नेरचौक भेजा गया है, ताकि उन्हें समय पर उपचार की सुविधा मिल सके।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में किशोरों व बच्चों की मोबाइल हेल्थ टीमों के माध्यम से स्वास्थ्य जांच की जा रही है। गत अप्रैल से अगस्त माह के दौरान लगभग 9 हजार बच्चों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है।
डॉ. संजय गुप्ता, खंड चिकित्साधिकारी, पधर