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निजी क्लीनिकों में इलाज करवाने को मजबूर
ब्यूरो/अमर उजाला, मंडी, टिहरा
Updated Fri, 22 Jan 2016 05:59 PM IST
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टिहरा पीएचसी में दो दशकों से लैब तकनीशियन का पद खाली चल रहा है। जिससे स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले मरीजों को टेस्टों के लिए निजी क्लीनिकों व जिला मुख्यालय पहुंचना पड़ रहा है। जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिला में स्वास्थ्य सुविधाएं न मिलने से ग्रामीण परेशान हैं।
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टिहरा में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। इससे आधा दर्जन पंचायतों के हजारों लोग दिक्कतों से जूझ रहे हैं। स्वास्थ्य केंद्र के आलीशान भवन में प्रयोगशाला तो है लेकिन 22 साल से लैब विशेषज्ञ की तैनाती नहीं हो पाई है। प्रयोगशाला की सुविधा न मिलने से लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। मरीजों को हर छोटे बड़े टेस्ट के लिए सरकाघाट, हमीरपुर, मंडी या अन्य निजी क्लीनिक अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। क्षेत्र की आधा दर्जन पंचायतों के लोग उपचार के लिए केंद्र में आते हैं लेकिन पीएचसी में महिलाओं के लिए न तो प्रसूति सेवाएं हैं और न आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध है।
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क्षेत्र के भूप सिंह, भाग सिंह, यशपाल, अमृत लाल, सुखराम, हरि सिंह, विनय कुमार, अश्वनी कुमार, रूमा देवी, निशा देवी, प्रभी देवी, आशा देवी, प्रवीण कुमार, अनिल कुमार, राकेश कुमार, दिवान चंद, तिलक राज, राजकुमार, हंस राज, वरड राम, राजू राम, अर्जुन सिंह का कहना है कि सुविधाओं के अभाव में लोग परेशान हो रहे हैं। लोगों ने सरकार व विभाग से लैब विशेषज्ञ की तैनाती की मांग की है। इधर, सीएमओ मंडी डॉ देशराज शर्मा ने बताया कि सारा मामला आला अधिकारियों तथा सरकार के ध्यान में है। शीघ्र समस्या को हल किया जाएगा।
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