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Mandi News: स्वास्थ्य केंद्रों की बिगड़ी सेहत, फार्मासिस्ट टटोल रहे मरीजों की नब्ज
Sun, 12 Jan 2025 11:03 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Sun, 12 Jan 2025 11:03 PM IST
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पीएचसी बल्ह टिक्कर भवन
- फोटो : स्रोत:ग्रामीण
जोगिंद्रनगर (मंडी)। स्वास्थ्य खंड द्रंग के अधीन आने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुधार, टिक्कन, बल्ह टिक्कर के साथ ही लडभड़ोल स्वास्थ्य खंड के लांगणा में लोगों की सेहत भरोसे से चल रही है। दुर्गम क्षेत्रों के इन केंद्रों में चिकित्सक न होने से प्राथमिक उपचार की सुविधा तक नहीं मिल रही है।
बिना चिकित्सकों के फार्मासिस्ट ही मरीजों का इलाज कर रहे हैं। इससे मरीजों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। चौहारघाटी के दुर्गम क्षेत्रों में स्थिति प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर न होने से मरीजों की 30 किलोमीटर दूर जोगिंद्रनगर अस्पताल की दौड़ लग रही है। लांगणा पीएचसी में भी चिकित्सक न होने से मरीज धर्मपुर अस्पताल के लिए जाने के लिए मजबूर हैं।
विधायक प्रकाश राणा की गृह पंचायत गोलवां के पीएचसी में सात बेड की अधिसूचना पूर्व सरकार ने की थी। मगर भवन निर्माण न होने के कारण यह केंद्र केवल दो कमरों और सीमित संसाधनों में चल रहा है। यहां रोजाना 60 से 70 मरीज भी उपचार के लिए पहुंचते हैं, जिन्हें चिकित्सक और फार्मासिस्ट ही दवा देकर इतिश्री पूरी कर रहे हैं। उधर, द्रंग स्वास्थ्य खंड के बीएमओ संजय महाजन ने बताया कि द्रमण, पाली, बड़ीधार और चुक्कू स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की नियुक्ति हो गई है। द्रंग हल्के के दुर्गम क्षेत्र सुधार, टिक्कन और बल्ह टिक्कर में भी जल्द चिकित्सक कार्यभार संभालेंगे।
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वहीं, लडभड़ोल स्वास्थ्य खंड के बीएमओ डॉ. लाल सिंह का कहना है कि पीएचसी मकरीड़ी, पंडोल, कुराटी समेत गोलवां में चिकित्सक के साथ ही फार्मासिस्ट भी है। लांगणा में चिकित्सक की तैनाती के लिए नए सिरे से पत्राचार किया जाएगा।
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बिना चिकित्सकों के फार्मासिस्ट ही मरीजों का इलाज कर रहे हैं। इससे मरीजों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। चौहारघाटी के दुर्गम क्षेत्रों में स्थिति प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर न होने से मरीजों की 30 किलोमीटर दूर जोगिंद्रनगर अस्पताल की दौड़ लग रही है। लांगणा पीएचसी में भी चिकित्सक न होने से मरीज धर्मपुर अस्पताल के लिए जाने के लिए मजबूर हैं।
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विधायक प्रकाश राणा की गृह पंचायत गोलवां के पीएचसी में सात बेड की अधिसूचना पूर्व सरकार ने की थी। मगर भवन निर्माण न होने के कारण यह केंद्र केवल दो कमरों और सीमित संसाधनों में चल रहा है। यहां रोजाना 60 से 70 मरीज भी उपचार के लिए पहुंचते हैं, जिन्हें चिकित्सक और फार्मासिस्ट ही दवा देकर इतिश्री पूरी कर रहे हैं। उधर, द्रंग स्वास्थ्य खंड के बीएमओ संजय महाजन ने बताया कि द्रमण, पाली, बड़ीधार और चुक्कू स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की नियुक्ति हो गई है। द्रंग हल्के के दुर्गम क्षेत्र सुधार, टिक्कन और बल्ह टिक्कर में भी जल्द चिकित्सक कार्यभार संभालेंगे।
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वहीं, लडभड़ोल स्वास्थ्य खंड के बीएमओ डॉ. लाल सिंह का कहना है कि पीएचसी मकरीड़ी, पंडोल, कुराटी समेत गोलवां में चिकित्सक के साथ ही फार्मासिस्ट भी है। लांगणा में चिकित्सक की तैनाती के लिए नए सिरे से पत्राचार किया जाएगा।

पीएचसी बल्ह टिक्कर भवन- फोटो : स्रोत:ग्रामीण

पीएचसी बल्ह टिक्कर भवन- फोटो : स्रोत:ग्रामीण

पीएचसी बल्ह टिक्कर भवन- फोटो : स्रोत:ग्रामीण