मंडी में गुरुद्वारे के संचालन को लेकर विवाद
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मंडी। शहर के ऐतिहासिक गुरु गोबिंद सिंह गुरुद्वारा पड्डल के संचालन को लेकर रविवार को हंगामेदार बैठक हुई। आंनदपुर साहिब गुरुद्वारा कमेटी के अधीन गुरुद्वारे का संचालन कर रही प्रबंधन कमेटी और गुरु की फौज सेवा समिति की अलग-अलग गुटों में बैठक हुई लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल पाया। बैठक में प्रशासन की ओर से एसडीएम सदर मदन कुमार और गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी की तरफ से आंनदपुर साहिब गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष बाबा लाभ सिंह विशेष रूप से मौजूद रहे। रविवार देर शाम तक चली बैठक बेनतीजा रही। रविवार सुबह ऐतिहासिक गुरुद्वारा पड्डल परिसर में दोनों कमेटियों के पदाधिकारी और समर्थकपहुंचे। करीब बारह बजे बैठक शुरू हुई।
आंनदपुर साहिब से आए बाबा लाभ सिंह लंगर हॉल में स्थानीय गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के पदाधिकारियों से बैठक करने लगे। जिस पर गुरु की फौज सेवा समिति ने आपत्ति जताई। शाम करीब सात बजे तक दोनों कमेटी के सदस्य अलग-अलग धड़ों में बैठक करते रहे। जिससे ऐतिहासिक गुरुद्वारा के संचालन को लेकर कोई नतीजा नहीं निकल पाया। दोनों कमेटियों के बीच संचालन को लेकर चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए आंनदपुर साहिब गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष बाबा लाभ सिंह के साथ कई लोग मंडी पहुंचे। बताते चलें कि अभी तक गुरु गोबिंद गुरुद्वारा पड्डल का संचालन आनंदपुर साहिब गुरुद्वारा कमेटी के अधीन है। जबकि गुरु की फौज सेवा समिति गुरुद्वारे का संचालन अपने हाथों में लेने की मांग कर रही है। ताकि गुरुद्वारे का विकास कार्य और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा दी जा सके।
जबकि मौजूदा गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी इसका विरोध कर रही है। बैठक में कोई हल न निकलने पर आनंदपुर साहिब गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष बाबा लाभ सिंह ने आश्वासन दिया कि 15 दिनों के भीतर दोबारा बैठक कर गुरुद्वारे के संचालन का फैसला लिया जाएगा। बैठक में प्रशासन की तरफ से एसडीएम मदन कुमार, डीएसपी हितेश लखनपाल, सदर प्रभारी चेत सिंह भंगालिया और सिटी चौकी प्रभारी राम लाल मौजूद थे। गुरु की फौज सेवा समिति के अध्यक्ष गुरुदीप सिंह का कहना है कि ऐतिहासिक गुरुद्वारे के विकास को लेकर समिति संचालन अपने हाथों में लेने की मांग रही है। ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा दी जा सके लेकिन कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं।