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Mandi News: एमओयू से मुकरे बागवान, जागर में एचपी शिवा परियोजना अटकी
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40 हेक्टेयर में लगने थे 25,000 आम के पौधे, असहयोग के चलते आंकड़ा सिमटकर रह गया 2500
उद्यान विभाग ने पंचायत प्रतिनिधियों से मांगी मदद, ग्रामीणों को एकजुट करने की कवायद तेज
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। सदर विकास खंड की जागर पंचायत में एचपी शिवा परियोजना बागवानों के असहयोग के चलते अटक गई है। उद्यान विभाग के अनुसार एमओयू पर हस्ताक्षर करने वाले कुछ बागवान अब परियोजना के लिए जमीन देने से पीछे हट रहे हैं। सर्वेक्षण के दौरान खेतों में उपस्थित न होने से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
जागर क्लस्टर का चयन बागवानों की मांग और सहमति के आधार पर किया गया था। यहां 40 हेक्टेयर भूमि पर आम के 25 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य था लेकिन अब यह घटकर करीब 2,500 पौधों तक रह गया है। उप निदेशक उद्यान विभाग तीन बार बागवानों से वार्ता कर चुके हैं लेकिन समाधान नहीं निकला।
विभाग ने अब पंचायत प्रधान और प्रतिनिधियों से हस्तक्षेप कर सहयोग दिलाने का आग्रह किया है। परियोजना के तहत भूमि विकास, आधुनिक पौधरोपण और ड्रिप सिंचाई के माध्यम से बागवानों की आय बढ़ाने की योजना है।
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उप निदेशक, उद्यान विभाग मंडी डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि जागर क्लस्टर का चयन बागवानों की मांग और सहमति पर हुआ था। एमओयू और भूमि पूजन के बाद पीछे हटने से परियोजना प्रभावित हो रही है। पंचायत प्रतिनिधियों से भी सहयोग मांगा है।
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उद्यान विभाग ने पंचायत प्रतिनिधियों से मांगी मदद, ग्रामीणों को एकजुट करने की कवायद तेज
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। सदर विकास खंड की जागर पंचायत में एचपी शिवा परियोजना बागवानों के असहयोग के चलते अटक गई है। उद्यान विभाग के अनुसार एमओयू पर हस्ताक्षर करने वाले कुछ बागवान अब परियोजना के लिए जमीन देने से पीछे हट रहे हैं। सर्वेक्षण के दौरान खेतों में उपस्थित न होने से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
जागर क्लस्टर का चयन बागवानों की मांग और सहमति के आधार पर किया गया था। यहां 40 हेक्टेयर भूमि पर आम के 25 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य था लेकिन अब यह घटकर करीब 2,500 पौधों तक रह गया है। उप निदेशक उद्यान विभाग तीन बार बागवानों से वार्ता कर चुके हैं लेकिन समाधान नहीं निकला।
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विभाग ने अब पंचायत प्रधान और प्रतिनिधियों से हस्तक्षेप कर सहयोग दिलाने का आग्रह किया है। परियोजना के तहत भूमि विकास, आधुनिक पौधरोपण और ड्रिप सिंचाई के माध्यम से बागवानों की आय बढ़ाने की योजना है।
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उप निदेशक, उद्यान विभाग मंडी डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि जागर क्लस्टर का चयन बागवानों की मांग और सहमति पर हुआ था। एमओयू और भूमि पूजन के बाद पीछे हटने से परियोजना प्रभावित हो रही है। पंचायत प्रतिनिधियों से भी सहयोग मांगा है।