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कर्मचारियों को एकमुश्त नौ प्रतिशत महंगाई भत्ता दे प्रदेश सरकार
मंडी
Updated Sun, 09 Apr 2017 10:37 PM IST
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काला
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मंडी। हिमाचल अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने प्रदेश सरकार से कर्मचारियों को महंगाई भत्ता एकमुश्त देने की मांग उठाई। महासंघ के प्रदेश महामंत्री एनआर ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की किस्त टुकड़ों में नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि सात प्रतिशत महंगाई भत्ता जुलाई 2016 से देय था। जिसे सरकार ने पहले दो प्रतिशत और फिर दो प्रतिशत देकर पांच प्रतिशत अब तक देय किया है। जबकि दो प्रतिशत अभी भी बकाया है।
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जनवरी 2017 से केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को संशोधित वेतनमानों पर दो प्रतिशत महंगाई भत्ता जारी किया है। जिन प्रदेशों में वेतनमान संशोधित नहीं हुए हैं, वहां सात प्रतिशत बनता है। इसलिए हिमाचल में भी अभी कर्मचारियों को संशोधित वेतनमान नहीं मिले हैं, इसलिए दो प्रतिशत महंगाई भत्ता जुलाई 2016 से और सात प्रतिशत जनवरी 2017 से बकाया भत्ता 15 अप्रैल को जारी किया जाए। उन्होंने सरकार से यह भी मांग की कि अपने चुनावी वायदे के मुताबिक 4-9-14 का वित्तीय लाभ का ऐलान भी अविलंब किया जाए। प्रदेश सरकार का साढ़े चार साल का कार्यकाल कर्मचारी विरोधी रहा है और एक भी मांग अब तक कर्मचारियों की पूरी नहीं की है, जिससे कर्मचारियों में खासी नाराजगी है।
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अनुबंध आधार पर नियुक्त कर्मचारियों का नियमित सेवाकाल पांच वर्ष से घटाकर तीन वर्ष करने की भी मांग दोहराई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नई पेंशन योजना लागू कर कर्मचारियों के साथ धोखा कर रही है। दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को समय सीमा पूरी हो जाने पर भी नियमित नहीं किया जा रहा है और आउटसोर्स कर्मचारियों को सशर्त नीति बनाने की घोषणा करके भ्रमित किया जा रहा है। बजट सत्र में की गई कुछ घोषणाएं कर्मचारियों को बरगलाने के सिवाय कुछ भी नहीं हैं, क्योंकि किसी भी कर्मचारी संगठन को इस बारे में सरकार द्वारा विश्वास में नहीं लिया गया। उन्होंने सरकार को चेताया है कि समय रहते कर्मचारियों के इन ज्वलंत मुद्दों का समाधान खोजा जाए अन्यथा प्रदेश के कर्मचारी आने वाले चुनावों में पूरा हिसाब चुकता करेंगे।
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