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Mandi News: 70 फीसदी ग्रामीण रूटों पर नहीं दौड़ीं सरकारी बसें, परेशान रहे यात्री
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आज कई ग्रामीण रूटों पर मिलेगी सुविधा, 1 जून को फिर से आएगी परेशानी
2 जून से पहले की तरह शुरू होंगी सेवाएं, मंडी डिपो के 153 में से 125 रूट रहे फेल
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। एचआरटीसी मंडी मंडल के तहत आते छह डिपो मंडी, कुल्लू, केलांग, सुंदरनगर, सरकाघाट और धर्मपुर की 319 बसों के चुनावी ड्यूटी में जाने से वीरवार को ग्रामीण क्षेत्रों वाले 70 फीसदी रूट बाधित रहे। एचआरटीसी प्रबंधन की मानें तो 31 मई को कुछ बसों के पोलिंग पार्टियों को छोड़ने के बाद लौटने से कई ग्रामीण रूटों पर शाम के समय आवाजाही शुरू हो जाएगी। पहली मई को चुनाव के चलते फिर से 70 फीसदी रूट बाधित रहेंगे। 2 को बसों के वापस आने से फिर से सेवाएं शुरू हो जाएंगी। 3 जून से सभी रूटों पर बसें दौड़ती नजर आएंगी।
मंडी मंडल की 319 बसों में 225 बसें अकेले मंडी जिले की हैं। इनमें 107 अकेले मंडी डिपो की हैं। कुल्लू जिले से 88 बसों की सेवाएं ली गई हैं। मंडी डिपो के 153 रूटों में से वीरवार को 125 रूट बाधित रहे। अधिकतर ग्रामीण रूटों की बसों को पोलिंग पार्टियों को ले जाने के लिए चुनावी ड्यूटी में लगाया गया है। हरिद्वार, शिमला, चंडीगढ़ और दिल्ली समेत बड़े रूटों पर जाने वाली बसें निरंतर इस दौरान चलती रहेंगी।
यात्रियों को देखते हुए निगम ने ऐसी कार्ययोजना तैयार की है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को भी ज्यादा परेशान नहीं होना पड़ेगा। जिन ग्रामीण क्षेत्रों में पहले 4 बसें जाती थीं। वहां दो बसों की कटौती तीन दिन के लिए की गई है। वीरवार को मंडी जिले से एचआरटीसी की बसों में 1195 पोलिंग पार्टियों को रवाना किया गया। बसों के रवाना होने से वीरवार को ग्रामीण क्षेत्र के कई रूटों पर सवारियों को जाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगह यात्री और विद्यार्थी पैदल भी सफर करते नगर आए।
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कोट्स
एचआरटीसी मंडी मंडल के डीएम विनोद ठाकुर ने बताया कि लंबे रूटों को छोड़कर लोकल रूटों पर जाने वाली बसों को चुनावी ड्यूटी लगाया गया है। यात्रियों को ज्यादा परेशानी न आए, इसके लिए सिंगल रूट की बसों को चुनावी ड्यूटी में नहीं लगाया गया है। 2 जून के बाद फिर से पुरानी व्यवस्था में निगम की बसें चलनी शुरू हो जाएंगी।
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जोगिंद्रनगर और बैजनाथ डिपो की 40 बसें नहीं गई रूटों पर
जोगिंद्रनगर (मंडी)। एचआरटीसी के धर्मशाला मंडल के तहत आते जोगिंद्रनगर और बैजनाथ डिपो की 40 बसों की सेवाएं चुनावी ड्यूटी में ली जा रही हैं। वीरवार को बसों के पोलिंग पार्टियों को ले जाने के कारण बसों में सफर करने वाले यात्रियों को परेशानियां झेलनी पड़ी। उपमंडल के सैकड़ों स्कूली विद्यार्थियों को सुबह घर से स्कूल और फिर छुट्टी होने के बाद अपने घरों में पहुंचने के लिए परेशानी हुई। मंडी-पठानकोट हाईवे से होकर गुजरने वाली परिवहन निगम की बसों की भारी कमी का खामियाजा यात्रियों को भी झेलना पड़ा। हाईवे की मुख्य सड़कों पर आधे-अधूरे सफर के बाद संपर्क सड़कों से यात्रियों को अपने घरों में पहुंचने के लिए तीन से चार किलोमीटर का सफर भी पैदल भी पूरा करना पड़ा। जोगिंद्रनगर में परिवहन निगम की बसों की किल्लत से ग्रामीण क्षेत्र नौहली, भराडू, मकरीड़ी, बसाही और लडभड़ोल क्षेत्र के अधीन आने वाले रोपड़ी, गोलवां और उटपुर तक सफर करने वाले यात्रियों और विद्यार्थियों को भी परेशानी झेलनी पड़ी।
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2 जून से पहले की तरह शुरू होंगी सेवाएं, मंडी डिपो के 153 में से 125 रूट रहे फेल
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। एचआरटीसी मंडी मंडल के तहत आते छह डिपो मंडी, कुल्लू, केलांग, सुंदरनगर, सरकाघाट और धर्मपुर की 319 बसों के चुनावी ड्यूटी में जाने से वीरवार को ग्रामीण क्षेत्रों वाले 70 फीसदी रूट बाधित रहे। एचआरटीसी प्रबंधन की मानें तो 31 मई को कुछ बसों के पोलिंग पार्टियों को छोड़ने के बाद लौटने से कई ग्रामीण रूटों पर शाम के समय आवाजाही शुरू हो जाएगी। पहली मई को चुनाव के चलते फिर से 70 फीसदी रूट बाधित रहेंगे। 2 को बसों के वापस आने से फिर से सेवाएं शुरू हो जाएंगी। 3 जून से सभी रूटों पर बसें दौड़ती नजर आएंगी।
मंडी मंडल की 319 बसों में 225 बसें अकेले मंडी जिले की हैं। इनमें 107 अकेले मंडी डिपो की हैं। कुल्लू जिले से 88 बसों की सेवाएं ली गई हैं। मंडी डिपो के 153 रूटों में से वीरवार को 125 रूट बाधित रहे। अधिकतर ग्रामीण रूटों की बसों को पोलिंग पार्टियों को ले जाने के लिए चुनावी ड्यूटी में लगाया गया है। हरिद्वार, शिमला, चंडीगढ़ और दिल्ली समेत बड़े रूटों पर जाने वाली बसें निरंतर इस दौरान चलती रहेंगी।
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यात्रियों को देखते हुए निगम ने ऐसी कार्ययोजना तैयार की है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को भी ज्यादा परेशान नहीं होना पड़ेगा। जिन ग्रामीण क्षेत्रों में पहले 4 बसें जाती थीं। वहां दो बसों की कटौती तीन दिन के लिए की गई है। वीरवार को मंडी जिले से एचआरटीसी की बसों में 1195 पोलिंग पार्टियों को रवाना किया गया। बसों के रवाना होने से वीरवार को ग्रामीण क्षेत्र के कई रूटों पर सवारियों को जाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगह यात्री और विद्यार्थी पैदल भी सफर करते नगर आए।
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एचआरटीसी मंडी मंडल के डीएम विनोद ठाकुर ने बताया कि लंबे रूटों को छोड़कर लोकल रूटों पर जाने वाली बसों को चुनावी ड्यूटी लगाया गया है। यात्रियों को ज्यादा परेशानी न आए, इसके लिए सिंगल रूट की बसों को चुनावी ड्यूटी में नहीं लगाया गया है। 2 जून के बाद फिर से पुरानी व्यवस्था में निगम की बसें चलनी शुरू हो जाएंगी।
जोगिंद्रनगर और बैजनाथ डिपो की 40 बसें नहीं गई रूटों पर
जोगिंद्रनगर (मंडी)। एचआरटीसी के धर्मशाला मंडल के तहत आते जोगिंद्रनगर और बैजनाथ डिपो की 40 बसों की सेवाएं चुनावी ड्यूटी में ली जा रही हैं। वीरवार को बसों के पोलिंग पार्टियों को ले जाने के कारण बसों में सफर करने वाले यात्रियों को परेशानियां झेलनी पड़ी। उपमंडल के सैकड़ों स्कूली विद्यार्थियों को सुबह घर से स्कूल और फिर छुट्टी होने के बाद अपने घरों में पहुंचने के लिए परेशानी हुई। मंडी-पठानकोट हाईवे से होकर गुजरने वाली परिवहन निगम की बसों की भारी कमी का खामियाजा यात्रियों को भी झेलना पड़ा। हाईवे की मुख्य सड़कों पर आधे-अधूरे सफर के बाद संपर्क सड़कों से यात्रियों को अपने घरों में पहुंचने के लिए तीन से चार किलोमीटर का सफर भी पैदल भी पूरा करना पड़ा। जोगिंद्रनगर में परिवहन निगम की बसों की किल्लत से ग्रामीण क्षेत्र नौहली, भराडू, मकरीड़ी, बसाही और लडभड़ोल क्षेत्र के अधीन आने वाले रोपड़ी, गोलवां और उटपुर तक सफर करने वाले यात्रियों और विद्यार्थियों को भी परेशानी झेलनी पड़ी।