फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Mandi News ›   Go to High Court or Supreme Court, if notice is received then illegal construction will have to be demolished

Mandi News: हाई कोर्ट जाएं या सुप्रीम कोर्ट, नोटिस मिला तो गिराना ही होगा अवैध निर्माण

Sat, 19 Oct 2024 08:42 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी Updated Sat, 19 Oct 2024 08:42 AM IST
विज्ञापन
Go to High Court or Supreme Court, if notice is received then illegal construction will have to be demolished
मंडी। बिना नक्शा पास करवाए निर्माण करने वालों को नोटिस मिलने के बाद ढांचा गिराना ही पड़ेगा। हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट जाने पर पांच से 10 साल तक देरी हो सकती है, लेकिन नियमों के उल्लंघन करके बचा नहीं जा सकता है। कमिश्नर डायरी में नगर निगम मंडी के आयुक्त एचएस राणा ने शहरवासियों को घर का निर्माण करते समय टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीसीपी) नियमों का पालन करने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन

आयुक्त ने कहा कि निगम क्षेत्र में कई जगह अवैध तरीके से निर्माण हो रहा है। लोग निगम से निर्माण की अनुमति नहीं ले रहे हैं। नगर निगम क्षेत्र में घर का नक्शा पास करवाना जरूरी है। शहर में घरों का जो निर्माण हुआ है, वहां घर से घर जुड़े हुए हैं। व्यवस्था ऐसी बन चुकी है कि पहली मंजिल पर रहने वाले व्यक्ति को चौथी मंजिल पर रहने वाले का पता नहीं होता है कि कौन रह रहा है।
विज्ञापन

घर के साथ घर बने होने के कारण सांस लेने के लिए उचित हवा नहीं पहुंच पाती है। ऐसे लोगों को पानी के कनेक्शन और सीवरेज कनेक्शन देने में भी काफी परेशानी आती है। पड़ोसी अपनी जमीन से पानी और सीवरेज लाइन के कनेक्शन नहीं निकालने देते हैं। इन्हीं समस्याओं के समाधान के लिए नक्शा पास करवाने की व्यवस्था की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

नियमों का पालन सुनिश्चित करवाने के लिए टीसीपी ने यह जिम्मा नगर निगम को भी सौंपा है। नगर निगम को कई शक्तियां दी गई हैं, जिनके दायरे में रहकर नियमों का पालन करवाना होता है। आयुक्त एचएस राणा ने कहा कि अगर घर बनाते समय नियमों का उल्लंघन करते हैं और एक नोटिस भी जारी हो गया तो अवैध निर्माण को लेकर हाईकोर्ट जाएं या सुप्रीम कोर्ट जाएं, घूम फिर कर कानूनी कार्रवाई के लिए मामला नगर निगम के पास ही आएगा। इसमें चाहे पांच साल लग जाएं या 10 साल। मगर जो निर्माण अवैध घोषित कर दिया गया उसे टूटना ही है। ऐसे में शहर में घर का निर्माण कार्य करते समय नियमों का पालन करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed