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पीपलागलु की कुसुम ने नंगे पांव जीती दौड़ प्रतियोगिता
मंडी
Updated Fri, 30 Dec 2016 10:10 PM IST
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जिला स्तरीय दौड़ प्रतियोगिता में नंगे पांव दौड़ती कुसुम।
- फोटो : अमर उजाला
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मंडी। बिना प्रैक्टिस और सुविधाओं के अभाव में जिला की बैला पंचायत के पीपलागलू गांव की कुसुम ठाकुर ने नंगे पांव जिला स्तरीय दौड़ प्रतियोगिता जीती है। कुसुम ने 3000 मीटर की दौड़ प्रतियोगिता में 12 प्रतिभागियों को पछाड़कर पहला स्थान हासिल किया। कुसुम ने लगातार जिला स्तरीय दौड़ प्रतियोगिता में टॉप तीन स्थानों में स्थान हासिल किया है। अच्छे कोच और मैदान न होने के बावजूद कुसुम ने अपनी प्रतिभा के दम पर लगातार तीसरे साल जिलास्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन किया है।
उल्लेखनीय है कि इस दौड़ के चारों वर्गों में 12 धावकों ने पहला, दूसरा व तीसरा स्थान हासिल किया। जिसमें नौ धावक जोगिंद्रनगर खंड के थे। जिन्हें खेल विभाग कोचिंग देता है।
कुसुम ने बिना कोच और बिना किसी मार्गदर्शन से प्रथम स्थान झटका है। वर्ष 2015 में कुसुम तीसरे और 2016 में दूसरे स्थान पर रही थी। वर्तमान समय में कुसुम ठाकुर
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रावमापा स्यांज में नौंवी कक्षा की छात्रा हैं। उसके पिता खेतीबाड़ी का काम करते हैं। और देव बाला कामेश्वर (बन्यूरी) के पुजारी हैं। कुसुम के पिता डोलू राम ने कहा कि उन्होंने बेटी के लिए जूते प्रतियोगिता वाले दिन ही खरीदे थे। लेकिन, कुसुम ने जूतों के साथ दौड़ना आरामदायक नहीं लग रहा था। जिसके चलते उसने नंगे पांव दौड़ प्रतियोगिता में भाग लिया है।
कोट्स
युवा सेवा एवं खेल अधिकारी प्रदीप कुमार धीमान ने कहा कि विभाग की ओर से जिला स्तरीय प्रतियोगिता में पहले इनामी राशि नहीं दी जाती था। अब इनामी राशि में खिलाड़ियों को किट और जूते देने का प्रावधान पिछले तीन-चार वर्षों से किया गया है।
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उल्लेखनीय है कि इस दौड़ के चारों वर्गों में 12 धावकों ने पहला, दूसरा व तीसरा स्थान हासिल किया। जिसमें नौ धावक जोगिंद्रनगर खंड के थे। जिन्हें खेल विभाग कोचिंग देता है।
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कुसुम ने बिना कोच और बिना किसी मार्गदर्शन से प्रथम स्थान झटका है। वर्ष 2015 में कुसुम तीसरे और 2016 में दूसरे स्थान पर रही थी। वर्तमान समय में कुसुम ठाकुर
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रावमापा स्यांज में नौंवी कक्षा की छात्रा हैं। उसके पिता खेतीबाड़ी का काम करते हैं। और देव बाला कामेश्वर (बन्यूरी) के पुजारी हैं। कुसुम के पिता डोलू राम ने कहा कि उन्होंने बेटी के लिए जूते प्रतियोगिता वाले दिन ही खरीदे थे। लेकिन, कुसुम ने जूतों के साथ दौड़ना आरामदायक नहीं लग रहा था। जिसके चलते उसने नंगे पांव दौड़ प्रतियोगिता में भाग लिया है।
कोट्स
युवा सेवा एवं खेल अधिकारी प्रदीप कुमार धीमान ने कहा कि विभाग की ओर से जिला स्तरीय प्रतियोगिता में पहले इनामी राशि नहीं दी जाती था। अब इनामी राशि में खिलाड़ियों को किट और जूते देने का प्रावधान पिछले तीन-चार वर्षों से किया गया है।