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घरों से अलग अलग कूड़ा न लेने व देने पर लगेगा जुर्माना
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मंडी। घरों से अलग-अलग गीला और सूखा कूड़ा न देने पर अब जुर्माने का भुगतान करना होगा। नगर परिषद मंडी ने शहर में गड़बड़ाई डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन और स्वच्छता में बिगड़ रही रैंकिंग को सुधारने के लिए यह फैसला लिया है। पहले घर-घर से अलग-अलग कूड़ा न उठाने वाले कर्मचारियों पर यह नियम लागू होगा। उसके बाद अगर घर का मालिक सूखा और गीला कूड़ा अलग-अलग नहीं देता है तो उस पर जुर्माना ठोका जाएगा। लेकिन, पहले चरण में सफाई कर्मचारी पर यह नियम लागू किया जाएगा। नगर परिषद जुर्माना तय करने में लगी हुई है। जुर्माने की राशि 100 रुपये तक तय हो सकती है। उसके पश्चात अगर फिर भी यह योजना सिरे नहीं चढ़ी तो यह जुर्माना बढ़ाया जा सकता है। गौरतलब है कि इस तरह का प्रावधान मंडी नगर परिषद में पहली बार किया जा रहा है।
7000 से अधिक घरों से उठता है कूड़ा
शहर में सात हजार से अधिक घरों से डोर-टू-डोर कूड़ा उठाया जाता है। 13 वार्डों और इसके आसपास के क्षेत्रों में नगर परिषद के कर्मचारी शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए घर-घर जाकर कूड़ा लेते रहे लेकिन, कुछ लोग कूड़ा देने में आनाकानी कर गलियों में कूड़े के ढेर लगाते रहे। लेकिन फिर नगर परिषद ने सूखा और गीला कूड़ा को अलग देने की मुहिम जारी की। अभी कुछ लोग गीले और सूखे कूड़े को एक साथ न देकर सफाई मुहिम को दरकिनार कर रहे हैं। इसी को लेकर अब नगर परिषद ने शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए अलग तरीका अपनाया है।
स्वच्छता की बिगड़ रही रैंकिंग में सुधार की कवायद
छोटी काशी के नाम से विख्यात मंडी शहर में स्वच्छता की रैकिंग बिगड़ रही है। नगर परिषद में बेहतर प्लानिंग और समन्वय की कमी के कारण ग्राफ गिरता जा रहा है। लेकिन, प्रशासन, कुछ नए अधिकारियों और लोगों की सहभागिता के कारण अब इसमें सुधार आने लगा है। पहले ही अलग-अलग गीला और सूखा कूड़ा लेने, स्कूलों से प्लास्टिक एकत्र करने की मुहिम चल रही है।
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स्वच्छता में शीर्ष तक पहुंचना लक्ष्य : नेगी
कार्यकारी अधिकारी बीआर नेगी ने बताया कि जो कर्मचारी अलग-अलग गीला और सूख कूड़ा नहीं लेता है तो उसे जुर्माना भरना पड़ेगा। पहले चरण में यह नियम सफाई कर्मियों पर लागू होगा। यह व्यवस्थित होने के बाद यदि घर मालिक अलग-अलग कूड़ा नहीं देगा तो उन पर भी कार्रवाई होगी। जुर्माने के राशि सौ रुपये तक तय करने पर विचार किया जा रहा है। मंडी को स्वच्छता के मामले में शीर्ष पर पहुुंचाना नगर परिषद का लक्ष्य है।
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7000 से अधिक घरों से उठता है कूड़ा
शहर में सात हजार से अधिक घरों से डोर-टू-डोर कूड़ा उठाया जाता है। 13 वार्डों और इसके आसपास के क्षेत्रों में नगर परिषद के कर्मचारी शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए घर-घर जाकर कूड़ा लेते रहे लेकिन, कुछ लोग कूड़ा देने में आनाकानी कर गलियों में कूड़े के ढेर लगाते रहे। लेकिन फिर नगर परिषद ने सूखा और गीला कूड़ा को अलग देने की मुहिम जारी की। अभी कुछ लोग गीले और सूखे कूड़े को एक साथ न देकर सफाई मुहिम को दरकिनार कर रहे हैं। इसी को लेकर अब नगर परिषद ने शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए अलग तरीका अपनाया है।
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स्वच्छता की बिगड़ रही रैंकिंग में सुधार की कवायद
छोटी काशी के नाम से विख्यात मंडी शहर में स्वच्छता की रैकिंग बिगड़ रही है। नगर परिषद में बेहतर प्लानिंग और समन्वय की कमी के कारण ग्राफ गिरता जा रहा है। लेकिन, प्रशासन, कुछ नए अधिकारियों और लोगों की सहभागिता के कारण अब इसमें सुधार आने लगा है। पहले ही अलग-अलग गीला और सूखा कूड़ा लेने, स्कूलों से प्लास्टिक एकत्र करने की मुहिम चल रही है।
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स्वच्छता में शीर्ष तक पहुंचना लक्ष्य : नेगी
कार्यकारी अधिकारी बीआर नेगी ने बताया कि जो कर्मचारी अलग-अलग गीला और सूख कूड़ा नहीं लेता है तो उसे जुर्माना भरना पड़ेगा। पहले चरण में यह नियम सफाई कर्मियों पर लागू होगा। यह व्यवस्थित होने के बाद यदि घर मालिक अलग-अलग कूड़ा नहीं देगा तो उन पर भी कार्रवाई होगी। जुर्माने के राशि सौ रुपये तक तय करने पर विचार किया जा रहा है। मंडी को स्वच्छता के मामले में शीर्ष पर पहुुंचाना नगर परिषद का लक्ष्य है।